नवादा : जिले के अकबरपुर प्रखंड नेमदारगंज थाना अंतर्गत महेशडीह गांव में हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को गम में डूबो दिया। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में बोरसी जलाकर सोना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। बोरसी के धुएं में दम घुटने से 45 वर्षीय मनोज यादव की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और बच्चा बेहोश हो गए।
मृतक की पहचान महेशडीह गांव निवासी रूपलाल यादव के पुत्र मनोज यादव के रूप में हुई है। बताया गया कि मनोज यादव अपनी पत्नी सिंधु देवी एवं पुत्र सौरभ कुमार के साथ रात में बंद कमरे में सोए थे। ठंड अधिक होने के कारण उन्होंने कमरे के भीतर धान के भूसे की बोरसी जलाकर ताप ली। साथ ही गुड नाइट अगरबत्ती भी जलाई थी।
घटना की जानकारी तब हुई, जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। बगल के कमरे में सो रहे परिवार की दो बहनों ने जब माता-पिता को आवाज दी और कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्होंने शोर मचाया। शोर सुनकर ग्रामीण जुटे और किसी तरह दरवाजा खोला। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। मनोज यादव, उनकी पत्नी और बच्चा बेहोश थे। बाद में युवक की मौत की पुष्टि हुई।
पत्नी व बच्चा का चल रहा इलाज, परिवार में मचा कोहराम
ग्रामीणों के सहयोग से पत्नी और बच्चा दोनों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा । घटना की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और मृतक के घर पर शोक का माहौल छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही प्रशिक्षु डीएसपी सह नेमदारगंज थानाध्यक्ष राजन कुमार एवं पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
स्वजन द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराने का अनुरोध किया गया, जिस पर पुलिस ने आवश्यक आवेदन लेकर आगे की कार्रवाई पूरी की। स्वजन के अनुसार पत्नी व बच्चे का इलाज चल रहा है। खतरा से बाहर बताया जा रहा है। दर्दनाक घटना ठंड के मौसम में बंद कमरे में आग जलाकर सोने के खतरे की गंभीर चेतावनी है, जिसने एक परिवार पर दुखों का पहाड़ ला दिया। बता दें कि इसी ठंड के सीजन में जिले में इससे पहले भी बोरसी के धुएं से कई अन्य लोगों की मौत हुई है। ऐसे में सावधानी और जागरूकता दोनों बहुत जरूरी है।
भईया जी की रिपोर्ट