नवादा जिले के रजौली अनुमंडल क्षेत्र के थाली थानांतर्गत जयपुर हैचरी फार्म से 31 दिसंबर की रात संदिग्ध परिस्थितियों में लापता मध्य प्रदेश के मजदूर सत्यराज साकेत के मामले का पुलिस ने रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया है। मामले की शुरुआत तब हुई, जब फार्म के मालिक पंकज कुमार वर्मा ने थाली थाने में आवेदन देकर बताया था कि 31 दिसंबर की रात मजदूरों के बीच आपसी विवाद और हाथापाई हुई थी इसके बाद तीन मजदूर फार्म से भाग निकले थे।
इनमें से दो मजदूर तो वापस लौट आये, लेकिन सत्यराज साकेत का कोई पता नहीं चला। पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जांच शुरू की और रजौली एसडीपीओ गुलशन कुमार के निर्देश पर रजौली अंचल पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में गठित एसआइटी ने तकनीकी अनुसंधान किया, तो यह साधारण गुमशुदगी के बजाय एक दर्दनाक हादसे और साक्ष्य छिपाने की बड़ी साजिश निकली।एसडीपीओ ने घटना के बाद शव बरामदगी के साथ मौत के कारणों का खुलासा किया।
बताया कि पुलिस तफ्तीश में यह सनसनीखेज सच सामने आया कि अकबरपुर थाना क्षेत्र के छपरा निवासी विक्रम कुमार और उसके साथियों ने जंगली जानवरों के शिकार के लिए जंगल के समीप 11,000 वोल्ट की हाइटेंशन लाइन से अवैध टोका लगाकर नंगा तार फैलाया था और इसी हाइ वोल्टेज करेंट की चपेट में आने से मजदूर सत्यराज साकेत की मौके पर मौत हो गयी थी। कानूनी कार्रवाई के डर से आरोपितों ने शव को प्लास्टिक में बांधकर कड़री डोम क्षेत्र स्थित पहाड़ी ट्रेंच में पत्थरों के नीचे दबा दिया था।
पुलिस कर रही छापेमारी
पुलिस ने मुख्य आरोपित 19 वर्षीय विक्रम कुमार को गिरफ्तार किया, तो उसकी निशानदेही पर राजपुर जंगल से मजदूर का शव बरामद किया ।वर्तमान में पुलिस फरार अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए थाली थानाध्यक्ष दीपक कुमार के नेतृत्व में लगातार छापेमारी कर रही है।
भईया जी की रिपोर्ट