नवादा : जिले के अधिकारी अपनी काली करतूतों पर पर्दा डालने में अपनी ओर से हरसंभव प्रयास में लगे हैं। दस्तावेजों से आरोप प्रमाणित होने के बावजूद कार्रवाई न कर भारी भरकम नाजायज राशि वसूल अबतक बचाते रहे हैं। लेकिन शायद उन्हें पता नहीं कि जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल उन्हें चैन की निंद सोने देगा क्या? जी नहीं! सो उन्होंने इसकी शिकायत प्रधान सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार पटना के यहां की है।
जी हां! यहां हम बात कर रहे हैं जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र के अमांवा जन वितरण प्रणाली विक्रेता योगेन्द्र पासवान का। उन्हें नाबालिग रहते पीडीएस की अनुज्ञप्ति निर्गत कर दी गयी है। आश्चर्य यह कि उनके अभिलेख तक का पता नहीं है बावजूद उनकी अनुज्ञप्ति का नवीकरण और सरकारी खाद्यान्न का लगातार वर्षों उठाव किया जा रहा है। दस्तावेजों से प्रमाणित होने के बावजूद अधिकारियों द्वारा अनुज्ञप्ति रद्द की कार्रवाई तक नहीं की जा रही है।
अब इसकी सुनवाई 12 जनवरी को राज्य खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव सह द्वितीय अपीलीय प्राधिकार द्वारा VC के माध्यम से समाहरणालय नवादा में की जानी है जिसकी सूचना चर्चिल को ईमेल के माध्यम से और दूरभाष पर उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में अब अग्रेत्तर सुनवाई का इंतजार हर किसी को रहेगा।
भईया जी की रिपोर्ट