नवादा : जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के त्रिलोकी बिगहा गांव में दर्दनाक हादसा हो गया। बोरसी (अंगीठी) के धुएं से दम घुटने के कारण एक ही परिवार के पांच लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। बेहोशी की हालत में सभी को सदर अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पावापुरी अस्पताल रेफर कर दिया।
इलाज के क्रम में पांच में से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक का इलाज पीएमसीएच पटना में जारी है। और दो अन्य का इलाज पावापुरी अस्पताल में चल रहा है। इलाज के दौरान हुई दो की मौत में से 60 वर्षीय श्रीकांत यादव उर्फ श्री यादव और एक वर्षीय छोटा बच्चा आशीष यादव शामिल है, जिनकी मौत पावापुरी अस्पताल में उपचार के दौरान हो गई। वहीं, एक अन्य सोना यादव के चार वर्षीय पुत्री सपना कुमारी का इलाज पीएमसीएच पटना में चल रहा है जिनका हालत नाजुक बताई जा रही है और चिकित्सक लगातार निगरानी में रखे हुए हैं।
बोरसी जलाकर सो रहे परिवार के साथ हुई घटना
बताया जाता है कि ठंड से बचाव के लिए घर के अंदर बोरसी जलाकर सभी लोग सो रहे थे। रात भर कमरे का दरवाजा और खिड़कियां बंद रहने के कारण धुआं कमरे में भर गया। सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर आसपास के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देख लोग सन्न रह गए। सभी पांचों लोग बेहोशी की हालत में पड़े थे। आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से सभी को सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने किया मामले की जांच
घटना की सूचना मिलते ही एसपी अभिनव धीमान के साथ मुफस्सिल थाना की पुलिस दलबल के साथ अस्पताल व घटनास्थल पर पंहुचकर मामले की जानकारी ली। एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बोरसी के धुएं से दम घुटने को ही घटना का कारण माना जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। एसपी ने जिला वासियों को बंद कमरे में अंगीठी जलाकर न सोने की अपील की है।
मौत के बाद त्रिलोकी बिगहा में शोक
घटना के बाद पूरे त्रिलोकी बिगहा गांव में शोक की लहर है। मृतकों के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि ठंड के मौसम में बंद कमरे में बोरसी या अंगीठी जलाकर न सोएं, क्योंकि इससे जानलेवा हादसे हो सकते हैं। बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे एक ही परिवार के पांच लोगों को बेहोशी के हालात में अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान दो की मौत पावापुरी में हुई है। एक का इलाज पटना में व अन्य पावापुरी में भर्ती है।
भईया जी की रिपोर्ट