-आस्था के इस विहंगम दृश्य का साक्षी बने श्रद्धालुगण
नवादा : जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर के प्रथम शिष्य श्री गौतम गणधर स्वामी की निर्वाण भूमि श्री गोणावां जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र जैन संत व साध्वी संघों के अद्भुत मिलन का साक्षी बना। मंगलवार से निरापक मुनि श्री समता सागर जी महाराज के नेतृत्व में 7 जैन संतगण क्षेत्र पर विराजमान थे। इसके बाद बुधवार को प्रसिद्ध जैन साध्वी 105 श्री गुरूमति माता जी के नेतृत्व में 48 जैन साध्वियों का नवादा स्थित श्री गोणावां जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पर मंगल आगमन हुआ। साध्वी संघ में प्रमुख तौर पर श्री द्रहमति माता जी, श्री पावनमति माता जी एवं गुणमति माता जी शामिल थीं। संघ झारखंड स्थित श्री सम्मेदशिखर जी से मंदारगिरी, चंपापुर व मलयागिरी होते हुए नवादा पहुंचा था।
दूसरी ओर राजगृह से श्री सम्मेदशिखर जी की पदयात्रा के दौरान 105 श्री ऋजुमति माता जी के नेतृत्व वाले सरलमति माता जी, श्री शीलमति माता जी, श्री असीममति माता जी, श्री निर्वाणमति माता जी, श्री मार्दवमति माता जी, श्री मंगलमति माता जी, श्रद्धामति माता जी व श्री चारित्रमति माता जी सहित 9 जैन साध्वियों का काफिला बुधवार को श्री गोणावां जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पर पहुंचा, जहां मंगलवार से ही निरापक मुनि श्री 108 समता सागर जी महाराज के नेतृत्व में 7 दिगम्बर जैन संतों का संघ विराजमान था। ये सारे जैन संत व साध्वी विश्वविख्यात दिगम्बर जैनाचार्य श्री विद्यासागर महाराज की परंपरा से जुड़े हैं। तीन किश्तों में एक ही क्षेत्र पर इन सभी जैन संतों व साध्वियों के अद्भुत जमावड़े का साक्षी बन उपस्थित श्रद्धालु अभिभूत हो उठे।
इस अवसर पर जैन समाज के प्रतिनिधि दीपक जैन, अभय जैन, उदय जैन, अशोक कुमार जैन, विजय जैन, निर्भय जैन, अजीत जैन, उत्सव जैन, संतोष देवी जैन, लक्ष्मी जैन, चंदा जैन, सुनीता जैन, स्विटी जैन, सपना जैन, मिंटू जैन, श्रद्धा जैन, श्रेया जैन सहित भारी संख्या में जैन श्रद्धालु उपस्थित थे। जैन समाज के दीपक जैन ने बताया कि आहारचर्या व समायिक के पश्चात निरापक मुनि श्री समता सागर जी महाराज के नेतृत्व में कुल 55 जैन संतों व साध्वियों का जत्था पावापुरी के लिए मंगलविहार कर गया, जबकि चम्पापुर व मंदारगिरी के रास्ते श्री सम्मेदशिखर की ओर जाने वाले 9 जैन साध्वियों का जत्था गुरूवार को मंगलविहार करेगा।
भईया जी की रिपोर्ट