नवादा : जिले के सरकारी महकमे में फर्जीवाड़े की हद है यार! पग पग पर घोटाला और भ्रष्टाचार। जी हां! यहां हम ऐसी बातें कर रहे हैं जिसे सुनकर आपके भी होश उड़ जायेंगे। समाहरणालय के अंदर एक ऐसा कार्यालय संचालित है जो पूर्णतः फर्जी है। हद यह कि सारा खेल वहां हो रहा है खुद समाहर्ता बैठते हैं।
बावजूद या तो उन्हें जानकारी नहीं या फिर सारा खेल भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए किया जा रहा है। पहले भी मैं कह चुका हूं आम जनता को सूचना का अधिकार अधिनियम बहुत बड़ा हथियार मिल गया है, बशर्ते उसका उपयोग करने वाला हो। जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल द्वारा मांगी गयी सूचना के अधिकार में इसका खुलासा संभव हुआ है।
मांगी गयी सूचना में कहा गया है कि इस प्रकार का कोई वैध कार्यालय है ही नहीं। आश्चर्य तो यह कि इस प्रकार का कार्यालय समाहरणालय में संचालित है और इसके लिए बजाप्ता अधिकारी की प्रतिनियुक्ति भी की गयी है। बावजूद इंकार समझ से परे है। इसे कहते हैं भ्रष्टाचार की सारी सीमाओं को तोड़ देना और जब इसकी वैधता पर सवाल खड़ा किया जाय तो पल्ला झाड़ लेना।
भईया जी की रिपोर्ट