नवादा : उग्रवाद प्रभावित रजौली के जंगलों में पिछले एक सप्ताह से डेरा जमाये हाथियों के झुंड ने आतंक मचा कर रखा है। स्थिति ये है कि अपना घर छोड़कर परिवार दहशत में पलायन कर रहे हैं । हाथियों के झुंड का ठिकाना लगातार बदल रहा है। फिलहाल वह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 20 के रतनपुर व गोपालपुर में डेरा डाल रखा है।वन विभाग की ओर से अभी तक कोई एहतियात कदम नहीं उठाया जा रहा है। विभाग की ओर से टीम लगाई गई है, ताकि हाथियों के झुंड को जंगलों में दोबारा भेजा जा सके बावजूद सफलता कोसों दूर है।
रजौली प्रखंड क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व हरदिया पंचायत की कोसदरिया गांव मेंप्रवेश किया था। तब 22 की संख्या में रहे हाथियों ने तीन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। घने जंगल से हाथियों का झुंड ग्रामीण इलाके में पहुंच गया। उसके बाद वहां के गरीबों के घरों को अपना निशाना बनाया । हाथियों का झुंड मतवाले की तरह आया। उसके बाद से लगातार फसलों को तबाह करने में लगा है। इस बीच ग्रामीण दहशत में हैं।
घर किया क्षतिग्रस्त
कोसदरिया गांव निवासी कुंवर मुंडा, कर्म सिंह मुंडा और डिंबा टूटी के पुत्र ने बताया कि हम लोग सभी परिवार के साथ अपने घर में सोए हुए थे। 12 बजे रात्रि में अचानक हाथी आया और पहले घर को क्षतिग्रस्त किया। उसके बाद घर में रखे राशन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। खेत की सब्जी को भी नुकसान पहुंचाया । हम लोग काफी डरे हुए हैं।
जंगल से आए हाथी
एक सप्ताह पूर्व भाने खाप, सूअर लेटी, परतौनियां जंगल के रास्ते होते हुए हाथियों का झुंड नावाडीह होते हुए कोसदरिया गांव में पहुंच कर जमकर उत्पात मचाया । हाथियों का झुंड नावाडीह गांव में लगे नल जल और सोलर लाइट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों के इस आतंक से ग्रामीण रात- रात भर जाग रहे हैं। काफी भय का माहौल है। लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। हुआ यूं कि हाथी कोडरमा घाटी के मेघातरी होते हुए रजौली में प्रवेश कर गया । हाथियों की ओर से लगातार तबाही मचाई जा रही है।
फिलहाल रतनपुर व गोपालपुर में डेरा डाले हुए है। दर्जन भर किसानों के खेतों में लगी गेहूं फसलों को जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया है। इस बावत वन विभाग के अधिकारी श्रेष्ठ कुमार कृष्णा ने बताया कि कोडरमा की ओर से आए हुए हाथियों को वापस भेजने के लिए रेस्क्यू की टीम को लगाया गया है। पटाखा छोड़कर हाथियों को भगाया जा रहा है। सभी लोगों से अपील की गई है कि वे घरों में रहें और इस दौरान बाहर नहीं निकलें। ग्रामीणों को घरों से थोड़ा अलग रहने की सलाह दी गई है।
भईया जी की रिपोर्ट