-जिम्मेवार लोगों पर होगी कार्रवाई?
नवादा : जी हां! यहां हम बात कर रहे हैं जिले के रजौली प्रखंड अमांवा पश्चिमी पंचायत अंत्योदय कार्डधारी प्रवासी मजदूर कार्तिक की। उक्त मजदूर को अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से वर्ष 22 से खाद्यान्न से बंचित कर दिया गया। ऐसा पीडीएस विक्रेता योगेन्द्र पासवान को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। उक्त विक्रेता के पुत्र के नाम आधार सिडिंग कर चार वर्षों से लगातार खाद्यान्न का उठाव अपने ही पाश मशीन से किया जाता रहा।
उक्त मामले को जब जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल ने उठाया तब डीएम के आदेश पर जिला आपूर्ति अधिकारी ने रजौली एसडीएम को पत्र भेजकर जांचोपरांत कार्रवाई सुनिश्चित कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का आदेश जारी कर दिया। आदेश के पांच दिन व्यतीत हो चुके होने के बावजूद परिणाम आने शेष हैं।
बावजूद आम लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। वह है सिर्फ और सिर्फ कार्रवाई होगी या कार्तिक को न्याय भी मिलेगा? जाहिर है न्याय तभी मिलेगा जब विक्रेता समेत संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। और ऐसा होना संभव दिखाई नहीं देता। फिर न्याय मिलेगा कैसे? यह सबसे बड़ा सवाल है।
पूर्व में इसी प्रकार के मामले में सिरदला प्रखंड बड़गांव पंचायत अमोखरी पीडीएस विक्रेता विरेन्द्र सिंह की अनुज्ञप्ति रद्द तो कर दी गयी लेकिन न तो उठाये गये खाद्यान्न की वसूली के आदेश निर्गत किए गए न ही धोखाधड़ी के आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश निर्गत हुए। अधिकारियों व कर्मचारियों पर जवाबदेही तय तो हुई ही नहीं। ऐसे में सवाल पूछा जाना तो लाज़िमी है। जबाव आज नहीं तो कल अधिकारियों को देना ही होगा।
भईया जी की रिपोर्ट