– आरसीडी व आरडब्ल्यू डी ने भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की डीएम से किया अनुरोध
नवादा : जिले का एकमात्र पत्थर खनन उद्योग के लीजधारकों की परेशानियां बढ़नी लगभग तय मानी जा रही है। गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र के खखन्दुआ पहाड़ी खनन व क्रशर से पत्थर लेकर निकलने वाले भारी वाहनों के कारण संबंधित पथों के क्षतिग्रस्त होने को संबंधित विभाग ने गंभीरता से लिया है। आरसीडी व आरडब्ल्यू डी ने डीएम से भारी वाहनों के परिचालन पर सख्ती से रोक लगाने का अनुरोध किया है।
बता दें इसके पूर्व डीएम व एसपी ने संयुक्त रूप से लीजधारकों के अनुरोध पर खखन्दुआ प्लांट का निरीक्षण किया था। तब लीजधारकों ने संबंधित पथों के अगल बगल के ग्रामीणों पर ट्रक चालकों के साथ मारपीट व रंगदारी मांगें जाने का आरोप लगाया था। वैसे उपरोक्त मामले में दोनों ओर से संबंधित थाने में अलग अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी जिसमें लीजधारकों का पक्ष लेते हुए थानाध्यक्ष ने एकतरफा कार्रवाई कर सच्चाई पर पर्दा डालने का काम किया था।
डीएम-एसपी ने भी राजस्व अधिप्राप्ति को ले सत्यता को तिलांजलि दे चुप्पी साध ली। हां! वैकल्पिक मार्ग पर मंथन की बात की जिस पर अबतक अमल नहीं किया जा सका है। हालात तब भयावह हो गयी जब अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों की जर्जर स्थिति के कारण हल्की बारिश के साथ पथ पर आवागमन मुश्किल हो गया। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वैसे संबंधित ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
कई स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल
सबसे अधिक खराब स्थिति गोपालपुर मोड़-मानेबिगहा सड़क तथा बरेब मोड़ से नेमदारगंज मोड़ तक जाने वाली सड़क की है। ये सड़कें आसपास के दर्जनों गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ती हैं और प्रतिदिन हजारों लोग इन रास्तों से आवागमन करते हैं।जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई यहां तक कि कई स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पूर्व तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा कुछ सड़कों के निर्माण का शिलान्यास किया गया था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन की खबर मिलते ही आरसीडी व आरडब्ल्यू डी के अधिकारियों ने पथ का निरीक्षण किया तथा पन्द्रह टन से अधिक वाहनों का परिचालन देख न केवल निर्माण कराने से हाथ खड़ा कर दिया बल्कि डीएम से संबंधित पथों पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने का अनुरोध कर दिया। ऐसे में लीजधारकों की परेशानी बढ़नी लगभग तय मानी जा रही है।
भईया जी की रिपोर्ट