-गिरते भू जलस्तर पर लगा विराम, कृषि कार्य में आयेगी तेजी
नवादा : जिले में रोहित नक्षत्र के दूसरे चरण में हुई तेज आंधी-बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह में भी रात का नजारा देखने को मिला। हालात ऐसी कि खेत खलिहान से लेकर चारों ओर जल जमाव की स्थिति की स्थिति रही। वैसे रोहणी का नक्षत्र का तुना कृषि के शुभ नहीं माना जाता।
कृषि पंडित घाघ कहते हैं
रोहण तपे, मृगशिरा जले, कुछ कुछ आद्रा जाय। कहे घाघ, सुन घाघिन, श्वान भात न खाय।। यानी रोहिणी व मृगशिरा नक्षत्र के जमकर तपने से खेत की न केवल उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है बल्कि किड़े मकोड़े के मरने से फसल में लोग लगने की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। वैसे बारिश के बाद कृषि कार्य आरंभ होने की संभावना है। रोहिणी नक्षत्र की पहली मूसलाधार बारिश से बढ़ते तापमान पर विराम लगा है तो गिरते भू जलस्तर में सुधार की संभावना है। खेतों में हरियाली आने से पशुओं को हरा चारा मिलने की संभावना है।
इन सबों से इतर भारी बारिश से नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जलजमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। व्यवहार न्यायालय में जलजमाव से झुग्गी झोपड़ी में रह रहे अधिवक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। समाहरणालय-सदर अस्पताल की भी यही स्थिति रही। कुल मिलाकर रोहिणी नक्षत्र की पहली बारिश से भले ही तापमान में वृद्धि पर रोक लगी हो लेकिन नगर परिषदों की बरसात पूर्व तैयारी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी तो दूसरी ओर कृषि के लिए अशुभ स्थिति है।
भईया जी की रिपोर्ट