नवादा : जिले के बिहार-झारखंड सीमा क्षेत्र के रजौली चितरकोली व दिबौर गांवों में कथित तौर पर ट्रक पास और इंट्री के अवैध कारोबार को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव और आसपास के इलाकों में लंबे समय से कुछ लोग ट्रकों की इंट्री और पास कराने के नाम पर बड़ा नेटवर्क चला रहे हैं। मामले को लेकर अब प्रशासनिक जांच की मांग उठने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष तरीके से पिछले 10 वर्षों का ग्राउंड स्तर पर सत्यापन कराया जाए, तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, कथित इंट्री कारोबार से जुड़े पदाधिकारी लोगों की संपत्तियों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से वृद्धि हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई लोगों ने अपने नाम के अलावा पत्नी, मां, ससुराल पक्ष और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर जमीन, मकान और जेवर अन्य संपत्तियां खरीदी हैं। अब क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि यदि आर्थिक अपराध इकाई या संबंधित विभाग द्वारा संपत्ति की विस्तृत जांच की जाती है, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ट्रकों की आवाजाही और ओभर लोड के नाम पर अवैध वसूली का खेल लंबे समय से जारी है।
आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके। जानकारों का मानना है कि यदि जांच एजेंसियां जमीन रजिस्ट्री, बैंक खातों और संपत्ति के दस्तावेजों की गहन पड़ताल करें, तो कथित इंट्री माफिया के आर्थिक स्रोतों का पता लगाया जा सकता है। चर्चा यह भी है कि इस मामले की जांच की आंच कुछ पदाधिकारियों तक पहुंच सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल क्या जांच हो भी सकेगा? जांच करायेगा तो कौन?
भईया जी की रिपोर्ट