बिहार के नवादा में रोह थानांतर्गत समरैठा गांव में एक 47 साल की महिला के साथ गैंगरेप और फिर बेरहमी से उसकी हत्या के मामले का पुलिस ने 24 धंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार गैंगरेप के बाद सबूत मिटाने और बदला लेने नीयत से महिला की हत्या कर दी गई। कहा गया कि सामूहिक दुष्कर्म के बाद हैवानों ने खंती से सिर पर प्रहार किया और फिर महिला की साड़ी से उसका गला घोंट दिया। पुलिस और एसआईटी ने इस कांड के मुख्य साजिशकर्ता दिलीप यादव, रामस्वरूप राजवंशी और एक नाबालिग आरोपी को तकनीकी सर्विलांस और मानवीय साक्ष्य के आधार पर धर दबोचा। जबकि इस कांड के दो अन्य अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है।
सिंचाई करती महिाला को बनाया हवस का शिकार
नवादा SP अभिनव धीमान ने बताया कि मृतक अनीता देवी शाम को अपने बच्चों के साथ अपने गेहूं के खेत में सिंचाई करने गई थी। देर शाम उसने अपने बच्चों को मवेशियों का दूध निकालने के लिए घर भेज दिया, जबकि वह खुद अपना काम खत्म करने के लिए खेत पर ही रुकी रही। महिला के इसी अकेलेपन का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी दिलीप यादव अपने चार साथियों के साथ वहां आ धमका और उन्होंने महिला को घेर लिया तथा बारी-बारी से उसके साथ गैंगरेप किया। फिलहाल पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लोहे की खंती, मुख्य आरोपी के खून से सने कपड़े, मृतक की चूड़ियां, मंगलसूत्र और चप्पलें बरामद की हैं।
गैंगरेप के बाद ख्ंती से प्रहार, फिर साड़ी से घोंटा गला
हैवानियत यहीं नहीं रुकी। रेप के बाद आरोपी महिला को घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर ले गए और उसे मारने की साजिश रची। मुख्य आरोपी दिलीप यादव ने लोहे की खंती (खुदाई का औजार) से उसके सिर पर ज़ोर से वार किया, जिससे उसका सिर फट गया। उसकी मौत पक्की करने के लिए अपराधियों ने महिला की ही साड़ी का सिरा उसके गले में लपेटकर फंदा बनाया और तब तक गला घोंटा जब तक उसकी सांसें बंद नहीं हो गईं।
जमीन विवाद में लिया गया बदला
पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि इस जघन्य रेप और मर्डर को किसी पुराने क्रिमिनल रिकॉर्ड की वजह से आरोपियों ने अंजाम नहीं दिया, बल्कि ज़मीन के एक छोटे झगड़े के प्रतिशोध में इस कांड को बदला लेने के लिए किया। आरोपी दिलीप यादव और मृतक के परिवार के बीच खलिहान में पानी देने और जानवरों को चारा खिलाने को लेकर लंबे समय से तनाव था। इसी गुस्से को निकालने के लिए दिलीप ने यह भयानक जुर्म किया। वारदात के बाद सदर SDPO के नेतृत्व में एक एसआईटी बनाई गई जिसने टेक्निकल सबूतों और लोगों की जानकारी के आधार पर 24 घंटे के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सभी को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया है।