राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही एक और छात्रा की मौत के मामले में अब लड़की के पिता ने पुलिस और हॉस्टल प्रबंधन से बड़ा सवाल किया है कि—’गर्ल्स हॉस्टल में मुस्लिम क्या कर रहे थे? शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जहानाबाद की रहने वाल नीट छात्रा के साथ हुई हैवानियत और उसकी मौत का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि अब पटना में एक्जीबीशन रोड स्थित परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल की छात्रा के मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस हॉस्टल के लोग औरंगाबाद की रहने वाली NEET की दूसरी छात्रा की मौत को सुसाइड बता रहे हैं। हालांकि मृत लड़की के पिता का दावा है कि यह एक सोची-समझी हत्या थी और उन्होंने “लव जिहाद” की संभावना भी जताई है।
राजधानी के एक्जीविशन रोड सिथत परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत की घटना 6 जनवरी को हुई थी। इसमें NEET परीक्षा की तैयारी कर रही 15 साल की अनामिका गुप्ता की मौत हो गई। हॉस्टल इस मौत को आत्महत्या बता रहा है, लेकिन मृतक के पिता ने ‘आत्महत्या की थ्योरी’ को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। लड़की के पिता का पुलिस प्रशासन और हॉस्टल प्रबंधन से सबसे बड़ा सवाल यह किया है कि लड़कियों के हॉस्टल में दो मुस्लिम लड़के क्या कर रहे थे? वह भी तब जबकि परिवार वालों को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं थी? औरंगाबाद की रहने वाली अनामिका के पिता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन उन्होंने सुबह 9:30 बजे अपनी बेटी से आखिरी बार बात की थी। वह बहुत खुश थी और उसने कहा था कि वह ब्रश करके नाश्ते में अंडे बनाएगी। कोई तनाव नहीं था। लेकिन दोपहर 1 बजे हॉस्टल मालिक ने फोन करके बताया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है।
पिता का आरोप है कि उनके हॉस्टल पहुंचने से पहले ही सबूत मिटाने के लिए शव को फंदे से उतारकर अस्पताल भेज दिया गया था। अस्पताल पहुंचने के बाद भी शव देखने में काफी समय लगा। उन्होंने सवाल उठाया कि एक बहादुर लड़की, जो डॉक्टर बनने का सपना देखती थी, अचानक आत्महत्या कैसे कर सकती है? परिवार ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पिता के अनुसार, उन्हें अपनी बेटी से मिलने के लिए उसके कमरे में भी नहीं जाने दिया जाता था, उन्हें ऑफिस में बिठाया जाता था और बेटी को वहीं बुलाया जाता था। लेकिन घटना वाले दिन दो लड़के हॉस्टल में घुस गए। परिवार का दावा है कि CCTV फुटेज में दोनों युवक उनकी बेटी के कमरे में उसके शव को नीचे उतारते हुए दिख रहे हैं। यह कैसे संभव है? जब हॉस्टल के नियम इतने सख्त हैं, तो ये बाहरी लोग अंदर कैसे आए?