पूर्णिया में एक इस्लामी वक्ता मौलाना अब्दुल्ला सलीम को सादे कपड़ों में आए कुछ लोगों अपने साथ ले गए। स्थानीय लोगों को लगा कि मौलाना का अपहरण हो गया है। हालांकि, कुछ ही घंटों के भीतर यह पता चल गया कि असल में उन्हें यूपी STF गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। जानकारी के अनुसार यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर गांव में पूर्णिया के जाने-माने इस्लामिक उपदेशक मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी कासमी को छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया। मौलाना को उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर ले जाया गया है। इस गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। शुरुआत में लोगों को लगा कि मौलाना का अपहरण कर लिया गया है। सोशल मीडिया पर मौलाना का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर एक धार्मिक सभा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और ‘गौ माता’ के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। यह कार्रवाई उसी सिलसिले में की गई है।
लोगों को लगा किडनैप हो गए मौलाना
यह वाकया बीती देर शाम का है जब दलमालपुर गांव में अचानक सादे लिबास में कुछ हथियारबंद लोग पहुंचे और मौलाना अब्दुल्ला सलीम को अपनी गाड़ी में बिठा लिया। चूंकि स्थानीय पुलिस को इस कार्रवाई की तत्काल जानकारी नहीं थी, इसलिए ग्रामीणों और परिजनों को लगा कि मौलाना का अपहरण कर लिया गया। इससे इलाके में तनाव और दहशत फैल गया। स्थिति तब स्पष्ट हुई जब AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष और अमौर के विधायक अख्तरुल ईमान ने पुलिस स्टेशन से संपर्क किया तब जाकर पुष्टि हुई कि यह कार्रवाई UP STF की गोरखपुर इकाई द्वारा की गई थी। मौलाना की गिरफ्तारी पर अख्तरुल ईमान ने कहा कि ‘मौलाना की गिरफ्तारी से न केवल सीमांचल क्षेत्र में बल्कि पूरे देश में बेचैनी फैल गई है। उनकी गिरफ्तारी मेरे ही विधानसभा क्षेत्र में हुई है। कुछ अज्ञात लोग आए और मौलाना को अपने साथ ले गए। इससे स्वाभाविक रूप से स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई। जब मैंने पुलिस को फोन किया, तो मुझे पता चला कि STF ने यह गिरफ्तारी की है। इसके बाद, STF से बात करने पर मुझे पुष्टि हुई कि UP STF ने ही यह गिरफ्तारी की है।
वीडियो में मौलाना की क्या थी तकरीर?
इस कार्रवाई की जड़ में मौलाना एक वायरल वीडियो में है जो मार्च 2026 की शुरुआत में सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हुआ था। आरोप है कि बिहार में एक धार्मिक सभा के दौरान उत्तर प्रदेश के गो-हत्या विरोधी कानून का विरोध करते हुए मौलाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ बेहद अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणी की थी। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तनाव भड़क उठा और हिंदू संगठनों ने मौलाना पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। मौलाना के एक ही बयान ने उनके लिए कानूनी मुश्किलों का पहाड़ खड़ा कर दिया और लखनऊ, बलरामपुर, बहराइच और कानपुर सहित UP के विभिन्न जिलों में मौलाना के खिलाफ 84 से ज्यादा FIR और 120 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा 299, शत्रुता फैलाने की धारा 196 और सार्वजनिक शांति भंग करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मौलाना अब्दुल्ला सालिम ने दारूल उलूम देवबंद से शिक्षा ली है। वे अपनी तकरीरों में कुरान के साथ गीता-रामायण का भी जिक्र करते रहे हैं।