नीतीश सरकार ने बिहार के बुजुर्गों को बड़ा तोहफा दिया है। इसके तहत अब 80 वर्ष से अधिक आयु के लिए जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री घर बैठे हो सकेगी। यानी बुजुर्ग लोगों को फ्लैट या जमीन की रजिस्ट्री के लिए रजिस्ट्री ऑफिस का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। उनके घर पर ही ये सभी सरकारी सेवाएं उन्हें मिल जाएंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मंगलवार को इसका ऐलान किया। बुजुर्गों के लिए रजिस्ट्री की यह नई व्यवस्था इसी साल एक अप्रैल से लागू करने का आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सबका सम्मान-जीवन आसान के तहत इस फैसले का उद्देश्य रोजमर्रा की कठिनाइयों को कम कर कामकाज को आसान बनाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार के बुजुर्गों की उम्र 80 वर्ष या उससे ज्यादा हो जाने के बाद उन्हें जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री से जुड़े कामों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में रजिस्ट्री को अब हमारी सरकार ने आसान बना दिया है। इसके अंतर्गत बिहार में 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के जो व्यक्ति जमीन, फ्लैट की रजिस्ट्री करना चाहते हैं, उन्हें जरूरत पर घर पर ही जमीन रजिस्ट्री से संबंधित सभी सेवाएं दी जाएंगी। इसको लेकर रजिस्ट्री विभाग की इकाई सुविधा प्रदान करेगी और आवेदक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उनहोंने जानकारी दी कि संबंधित विभाग द्वारा जमीन, फ्लैट की रजिस्ट्री की प्रक्रिया सात दिनों के अंदर सुनिश्चित की जाएगी। जमीन खरीदने के इच्छुक व्यक्ति को संबंधित भूमि के संबंध में अपडेट जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, जिस कारण उन्हें समस्या होती है। इसे ध्यान में रखते हुए भूमि की रजिस्ट्री के पूर्व भूमि के बारे में अद्यतन जानकारी बेचने वाले और खरीदारों को प्रदान करने की व्यवस्था भी की जा रही है। इसके तहत आवेदकों के अनुरोध पर आवेदन करने के पश्चात निबंधन विभाग द्वारा अंचल कार्यालय से भूमि की अपडेट स्थिति की जानकारी प्राप्त कर क्रेता को उपलब्ध करा दी जाएगी।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके लिए बिहार के आम अवाम से 19 जनवरी तक सुझाव भी मांगे हैं।