बिहार में मकर संक्रांति का उत्साह चरम पर है। इस मौके पर बिहार की सियासत में दही-चूड़ा भोज के आयोजन की परंपरा रही है। इसी क्रम में आज पटना में पार्टी और परिवार से निष्कासित राजद सुप्रीमो लालू के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव ने भी भोज का आयोजन किया जिसमें उन्होंने अपने पिता और माता तथा भाई तेजस्वी को भी आमंत्रित किया था। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश और भाजपा के नेताओं को भी न्योता दिया हुआ है। तेज प्रताप के इस दही चूड़ा भोज पर मीडिया की भी नजरें लगी थी और इसबार वे भी निराश नहीं हुए। खबर है कि आज तेजप्रताप के भोज में हिस्सा लेने के लिए सबसे पहले उनके पिता लालू यादव उनके आवास पर पहुंचे। उनके बाद वहां बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी तेजप्रताप के आवास पहुंचे और उन्हें मकर संक्रांति की बधाई दी।
बेटे से कोई नाराजगी नहीं : लालू यादव
दरअसल, अपनी गर्लफ्रेंड अनुष्का यादव के साथ तेज प्रताप की फोटो वायरल होने के बाद लालू ने बीते साल अपने बड़े पुत्र तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से बाहर निकाल दिया था। विधानसभा चुनाव में राजद और तेज प्रताप को हार का सामना करना पड़ा। इसी के बाद मकर संक्रांति के बहाने कल मंगलवार को तेजप्रताप लंबे समय के बाद अपने घर पहुंचे थे। वहां उन्होंने लालू यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी को भोज का निमंत्रण दिया था। इसके अलावा तेजप्रताप ने इस बार भोज को खास बनाने के लिए पक्ष और विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं को भी निमंत्रण भेजा है। राजनीतिक गलियारों में इस भोज को लेकर खूब अटकलें लगाई जा रही हैं। माना जा रहा है कि इस आयोजन में नेताओं के बीच मुलाकात से कई राजनीतिक समीकरण भी बन सकते हैं। यह भी खबर है कि लालू ने तेज प्रताप के घर पहुंचने के बाद यह भी साफ कह दिया कि उनकी अब बड़े बेटे तेज प्रताप से कोई नाराजगी नहीं है।
राजनीति और परंपरा का संगम
मालूम हो कि बिहार में मकर संक्रांति सिर्फ एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मेलजोल बढ़ाने और रिश्तों की डोर मजबूत करने का भी एक बड़ा मौका होता है। ऐसे आयोजनों में नेताओं की मौजूदगी से राजनीतिक संदेश भी निकलते हैं। तेजप्रताप का भोज इस बार चर्चा में इसलिए है क्योंकि इसमें विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ दल के नेताओं को भी बुलाया गया है। खबर है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस भी तेज प्रताप के घर पहुंचे हैं और मुख्यमंत्री नीतीश के साथ ही डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, सम्राट चौधरी भी उनके इस भोज में शामिल होने वाले हैं। तेजप्रताप ने इस बार भोज को खास बनाने के लिए पक्ष और विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं को निमंत्रण भेजा है। राजनीतिक गलियारों में इस भोज को लेकर खूब अटकलें लगाई जा रही हैं और माना जा रहा है कि इस आयोजन के बहाने लालू परिवार फिर एकबार एकजुट हो जाएगा।