बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने दरभंगा में केवटी प्रखंड के पूर्व बीडीओ चंद्रमोहन पासवान को आय से अधिक संपत्ति मामले में निलंबित कर दिया है। आर्थिक अपराध इकाई EOU की जांच में उनके पास ज्ञात आय से 81.03 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के सबूत मिले हैं। इस संपत्ति का मूल्य करीब 89.13 लाख रुपये है। दो माह पहले इसी सिलसिले में उनके छह ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इसी तथ्य के आलोक में अब ग्रामीण विकास विभाग ने कार्रवाई करते हुए उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। चंद्रमोहन पासवान केवटी प्रखंड में बीडीओ के पद पर तैनात थे। कुछ समय पहले उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
दरअसल, यह मामला आर्थिक अपराध इकाई की जांच के बाद सामने आया था।. जांच में पता चला कि बीडीओ के पास ज्ञात आय से करीब 81.03 प्रतिशत अधिक की संपत्ति है। शुरुआती जांच में अधिकारियों को करीब 89.13 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिले थे। इस मामले में ईओयू ने मई माह में बड़ी कार्रवाई की थी। जांच टीम ने चंद्रमोहन पासवान से जुड़े 6 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जिस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए गए थे। इन्हीं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच में मिले तथ्यों के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाया। विभाग का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी। अगर जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
इस सिलसिले में ईओयू द्वारा 26 मई को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में बीडीओ की संपत्ति उनकी ज्ञात आय से 81.03% (89,13,500 रुपये) अधिक पाई गई। ईओयू की कई टीमों ने केवटी प्रखंड कार्यालय, सरकारी आवास के अलावा दरभंगा, मधुबनी और सीतामढ़ी सहित छह स्थानों पर बीडीओ के कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान जांच में दस बैंक खाते, आठ एलआईसी (LIC) पॉलिसियां, जमीन और मकान के दस्तावेज, और आभूषण बरामद हुए। इसके बाद बीडीओ के ठिकाने से मिले लगभग 10 लाख रुपये की बैंक राशि को फ्रीज कर दिया गया था।