किशनगंज : बिहार विधान सभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार बिहार में पलायन रोको नौकरी दो पदयात्रा कर रहे हैं, लेकिन दो दिन पहले अररिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की के बाद यात्रा रोक दी गई थी। कन्हैया कुमार दिल्ली चले गए थे लेकिन, अब दोबारा इस यात्रा में शामिल होने के लिए कन्हैया कुमार किशनगंज पहुंचे। और किशनगंज के सम्राट अशोक भवन से यात्रा निकाली गई जो खगड़ा मेला, अनुमंडल कार्यालय होते हुए खगड़ा गेट से होते हुए एनएच स्थित चावल मंडी पहुंच कर समाप्त हुई। समर्थकों के हाथ में तख्तियां थी, जिसमें लिखा था पलायन रोको नौकरी दो।
वहीँ, इस दौरान कन्हैया कुमार ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर बातचीत भी की। साथ ही उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए तीखा प्रहार किया। और आगामी बिहार विधान सभा 2025 में चुनाव लड़ने और प्रचार करने के सवाल पर भी अपनी प्रतक्रिया दी है। कन्हैया कुमार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अंग्रेजों की तरह भाजपा भी समाज को तोड़ने का काम कर रही है। इस बिल का कोई मतलब नहीं है, हम इसका पुरजोर विरोध करते है।
आगे उन्होंने कहा कि हमारी यात्रा से किसी भी प्रकार के चुनाव से कोई लेना देना नहीं है, हम राज्य के युवाओं के लिए “पलायन रोको नौकरी दो” पदयात्रा कर रहे हैं। हमारे देश की संस्कृति में यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है और यात्रा का इतिहास बहुत प्राचीन है। साथ ही उन्होंने इंडी गठबंधन को लेकर कहा कि हमारे गठबंधन में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं है। हमलोग एक होकर युवाओं और लोगो के लिए सरकार से लड़ रहे हैं, यात्रा कर रहे हैं। जिसका राजनीति से कोई मतलब नहीं है।
वहीँ, बता दें कि राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार विधान सभा चुनाव से पहले कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने के लिए पार्टी ने अपने अंदर अमूल-चूल परविर्तन करते हुए कृष्णा अलवारु और कन्हैया कुमार को बिहार में उतारा है। ताकि ये लोग अभी से देश की पुरानी पार्टी कांग्रेस की जर्जर स्थिति को सुधर कर संगठन को पुनः मजबूत स्थिति में ला सके। लेकिन, इससे इंडी गठबंधन के बिहार घटक दल के नेता लालू प्रसाद की पार्टी राजद में काफी नाराजगी व्याप्त है। वहीँ, साइड से सपोर्ट करने वाले निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी कृष्णा-कन्हैया को बिहार में लांच करने से खफा हैं।