दिल्ली के जेएनयू कैंपस में बीती रात सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज करने के फैसले के बाद एक बार फिर भड़काऊ नारे लगाए गए। बताया जाता है कि टुकड़े—टुकड़े गैंग वाले छात्रों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी, अमित शाह और उद्योगपति गौतम अडानी के लिए ‘कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए। यह प्रदर्शन सबरमती हॉस्टल के बाहर हुआ जिसे जेएनयू छात्र संघ ने आयोजित किया था। नारेबाजी के समय जेएनयू छात्र संघ के संयुक्त सचिव दानिश और सचिव सुनील मौके पर मौजूद थे। इसके अलावा, वामपंथी संगठनों से जुड़े कई छात्र भी वहां इकट्ठा हुए थे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जेएनयू में मोदी-शाह विरोधी नारों पर कहा कि विपक्ष इस टुकड़े-टुकड़े गिरोह का समर्थन करता है। ये सभी राष्ट्रविरोधी मानसिकता वाले लोग हैं। जेएनयू टुकड़े-टुकड़े गिरोह का अड्डा बन गया है।
पुलिस और प्रशासन ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। उधर जेएनयू में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज करने के बाद हुई इस विवादित नारेबाजी को लेकर
सियासी तूफान भी खड़ा हो गया है। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर इस देश में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भी प्रदर्शन होंगे तो क्या बचेगा? ये चंद टुकड़े—टुकड़े गैंग वाले लोग देश, संविधान और कानून का सम्मान नहीं करते। ये अलगाववादी सोच वाले लोग हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल बेहद शर्मनाक है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस हमेशा इन लोगों के पीछे दिखाई देती हैं।
इस बीच, सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर लोगों में भारी नाराजगी भरे कमेंट आए हैं। एक यूजर ने लिखा कि जेएनयू की धरती पर यह विरोध नहीं, बल्कि भारत-विरोधी विचारधारा का समर्थन है। ये तथाकथित ‘इंटेलेक्चुअल टेररिस्ट’ अकादमिक, डॉक्टर या इंजीनियर भी हो सकते हैं। वहीं जेएनयू कैंपस में इस भड़काऊ नारेबाजी पर बीजेपी नेता आशीष सूद ने कहा कि पहले देश को अस्थिर करने की कोशिश की गई, अब जमानत रद्द होने के बाद जेएनयू में नारेबाजी हो रही है। इस नारेबाजी में विदेशी ताकतें शामिल हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की नीतियों के खिलाफ बोल सकते हैं, लेकिन किसी की हत्या को लेकर नारेबाजी करना गलत है। जबकि कांग्रेस की तरफ से इस नारेबाजी का बचाव किया गया। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह नाराजगी जताने का तरीका है और जेएनयू में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर गुस्सा है।