झारखंड के हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड और आसपास के मांडू विधानसभा क्षेत्रों में जंगली हाथियों ने भारी उत्पात मचाते हुए बीती रात 6 लोगों की जान ले ली। हाथियों के उत्पात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से इस पूरे इलाके में हाथियों का एक विशाल झुंड लगातार सक्रिय है। ये हाथी इतने हिंसक हो चुके हैं कि वे आबादी वाले क्षेत्रों में भी घुसने से गुरेज नहीं कर रहे है जानमाल का नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से इस हाथियों से छुटकारा दिलाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक लोगों की इस समस्या कोई स्थाई समाधान नहीं निकल पा रहा। यहां तक कि अब लोगों ने गुट बनाकर गांव की सीमा पर पहरेदारी भी शुरू कर दी है तथा ढोल, और टीन पीटकर रातभर शोर मचाकर किसी तरह अपनी सुरक्षा को अंजाम दे रहे हैं।
18 हाथियों का झूंड मचा रहा कहर
हजारीबाग के चुरचू प्रखंड के रहने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में हाथियों के एक हिंसक ग्रुप ने यहां अपना डेरा डाल रखा है। इस झूंड में शामिल छोटे—बड़े हाथियों ने अब तक अलग-अलग घटनाओं में कई ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला है। ताजा घटना बीती रात की है, जहां एक ही गांव के 6 लोगों की हत्या हाथियों के झूंड ने कुचलकर कर दी। लोगों ने बताया कि 18 से ज्यादा हाथियों का एक झुंड पिछले कुछ समय से यहां सक्रिय है, जो लगातार घर और फसलें नष्ट कर रहा हैं। ये हाथियों का झुंड जहां से गुजरता है, वहां रास्ते में आने वाले फसलों, घरों और लोगों को रौंदता हुआ निकल जाता है।
रतजगा कर जान बचा रहे ग्रामीण
मालूम हो कि हजारीबाग जिले का चुरचू प्रखंड क्षेत्र हमेशा से हाथियों के आतंक से दो—चार होता रहा है। लेकिन आज तक इस इलाके में हाथियों से बचाव का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। हर साल सैकड़ों लोग हाथियों के आतंक से प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। लेकिन वन विभाग और प्रशासन के अथक प्रयास के बावजूद जान-माल का नुकसान थम नहीं रहा है। हाथियों के हमले से ग्रामीणों को घर, फसल और भंडारित अनाज के रूप में नुकसान उठाना पड़ रहा है।