आईआरसीटीसी केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने आज लालू यादव को बड़ा झटका देते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। आज सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में इस सिलसिले में दाखिल लालू यादव की याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने IRCTC मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव को राहत नहीं दी। अदालत ने लालू यादव की याचिका पर निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने से साफ मना कर दिया। लालू यादव ने राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसमें लालू ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उनके और उनके परिवार यानी पत्नी राबड़ी और पुत्र तेजस्वी खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे।
अपनी आपराधिक पुनरीक्षण याचिका में लालू यादव ने तर्क दिया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश या धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं। लेकिन हाईकोर्ट ने लालू की दलीलों को पर्याप्त नहीं माना और उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को भी नोटिस जारी कर इस मामले में जांच एजेंसी से जवाब भी मांगा है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है। दरअसल लालू प्रसाद यादव ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे। लालू यादव का कहना है कि ट्रायल कोर्ट का आदेश गलत है और उनके खिलाफ बिना पुख्ता आधार के आरोप लगाए गए हैं। इसी को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से मना कर दिया और सभी पक्षों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वह इस मामले में अपना जवाब दाखिल करे।
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव देश के रेल मंत्री थे। जांच एजेंसी सीबीआई का आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए मेसर्स सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड के मालिकों विजय और विनय कोचर को फायदा पहुंचाया। लालू यादव पर इस मामले में आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटलों की लीजिंग प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती, जिसके बदले अनुचित लाभ लिए गए। इस केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोप तय करने का आदेश दिया था। राउज एवेन्यु कोर्ट के इसी आदेश को लालू यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी जिस पर हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया।