ईरान से अमेरिका की जंग के दौरान होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा यूएई के एक तेल टैंकर पर किये गए मिसाइल हमले में भारत के बिहार निवासी एक नाविक की मौत की खबर है। मारे गए नाविक का नाम सोनू गुप्ता बताया जाता है जो बिहार के गोपालगंज का रहने वाला है। यह युवक पिछले ढाई वर्षों से दुबई में शिप पर काम कर रहा था। बताया गया कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में यूएई के दो टैंकरों को निशाना बनाया। इसमें कुल 8 क्रू मेंबर्स घायल हो गए और उन्हें बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई। हमले में भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आज मंगलवार को ईरानी मिशन के राजनयिकों को तलब किया और उन्हें जमकर लताड़ लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गंभीर चिंता जताते हुए इस वाकये पर ईरान से स्पष्टीकरण मांगा है।
रक्षा मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि बीते दिन यूएई के झंडे वाले टैंकर मोम्बासा और बाहिया, ओमानी जलक्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी रास्ते से गुजरते समय ईरानी क्रूज मिसाइलों से निशाना बने। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ओमान के जलक्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी रास्ते में दो ईरानी क्रूज मिसाइलों ने नेशनल टैंकरों को निशाना बनाया। बिहार के रहने वाले जिस नाविक की मौत हुई वह मोम्बासा शीप के चालक दल का सदस्य था। मोम्बासा को टारगेट करके किए गए हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई, जबकि आठ दूसरे नाविक घायल हो गए। मौत के अलावा, मिसाइल हमलों से दोनों कमर्शियल जहाजों में आग लग गई, जिससे सामान को बहुत नुकसान हुआ लेकिन इमरजेंसी टीमों ने आग पर काबू पा लिया।
समुद्री हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए यूएई ने इस घटना को अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन बताया। अबू धाबी ने कड़ी चेतावनी दी कि वह जवाबी कार्रवाई करने और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी प्रोटोकॉल लागू करने का अधिकार रखता है। यह घटना ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट एक संवेदनशील केंद्र बना हुआ है। बता दें कि होर्मुज वह संकरा समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 5वां हिस्सा तेल एक्सपोर्ट होता है। ओमान की समुद्री सीमा में हुए ईरान के इस हमले ने पश्चिम एशिया में तनाव को और भी बढ़ा दिया है. इसके बाद होर्मुज में कमर्शियल जहाजों के नेविगेशन पर और खतरा बढ़ गया है।