केंद्र सरकार ने ईरान युद्ध के कारण देश में लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह गलत बताते हुए खारिज कर दिया। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ कहा कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। आमलोग लॉकडाउन की अफवाहों के चक्कर में न पड़ें, सरकार ने पर्याप्त व्यवस्था कर रखी है। दरअसल ईरान युद्ध के मद्देनजर भारत में लॉकडाउन को लेकर अटकलों का दौर तब शुरू हुआ, जब प्रधानमंत्री ने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि इस संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है और इसका सामना देशवासियों को कोरोना के समय की तरह मिलकर करना होगा। इसके बाद ही लॉकडाउन लगने की अटकलें लगाई जाने लगी। इसी सबसे बीच आज केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं साफ-साफ बताना चाहता हूं कि भारत सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है। इसबीच खबर है कि आज शुक्रवार को पीएम मोदी चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर बाकी सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर ईरान युद्ध से उत्पन्न स्थिति पर बैठक करेंगे। यह पहली बार है जब ईरान युद्ध पर उनकी मुख्यमंत्रियों संग समीक्षा—चर्चा होगी।
लॉकडाउन की अफवाह पर सरकार का जवाब
केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि ऐसी स्थिति में हमारे लिए जरूरी है कि हम शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें। अफवाह फैलाना और पेनिक क्रिएट करना सही नहीं है। ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्थिति अभी तनावपूर्ण है। भारत सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा, सप्लाइ चेन और जरूरी चीजों पर रोजाना रियल टाइम पर नजर बनाए हुए हैं। पुरी ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ईंधन की आपूर्ति और अन्य जरूरी सामान के लिए आपूर्ति लगातार बनाए रखने की पूरी कोशिश की जा रही है। हम इस चुनौतीपूर्ण स्थिति को हैंडल करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
सरकार ने तेल पर घटाई एक्साइज ड्यूटी
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने आज पेट्रोल पर एक्साइड ड्यूटी उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी जंग में ऊर्जा संकट को देखते हुए मोदी सरकार का ये बड़ा कदम है। पेट्रोल और डीजल की कीमत पर बढ़ने से रोकने के लिए ये कदम मोदी सरकार ने उठाया है। ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल (पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन बनाने में प्रयुक्त कच्चा माल) की आधी आपूर्ति बाधित हुई है, लेकिन देश ने अगले 60 दिन के लिए अन्य स्रोतों से पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित कर ली है।