सहरसा/पटना : बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों का बाजार गर्म है। एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाएं तेज हैं, तो दूसरी तरफ सत्ताधारी महागठबंधन के भीतर से ही बगावत के सुर सुनाई देने लगे हैं। सहरसा से विधायक आईपी गुप्ता के हालिया बयान ने बिहार के सियासी गलियारे में खलबली मचा दी है। उन्होंने न केवल राज्य में भाजपा की सरकार आने की भविष्यवाणी की, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों को बोरिया-बिस्तर समेटने की चेतावनी भी दे डाली।
जानकारी के अनुसार, सहरसा में महागठबंधन कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में विधायक आईपी गुप्ता शामिल हुए थे। जहां, उनके मंच पर आरजेडी के जिलाध्यक्ष मोहम्मद ताहिर और अन्य दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में गुप्ता ने अपनी ही सरकार के भविष्य और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा कि बिहार में बीजेपी की सरकार आ रही है। जो अफसर 20 साल से माल काट रहे हैं, वे अब बीजेपी के डर से दिल्ली भागने की तैयारी में हैं।”
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बीजेपी का जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसे पता है कि चोर ऑफिसर कौन हैं। सब पर कार्रवाई होगी। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे मुख्यमंत्री बीजेपी का बने या जेडीयू का, आईपी गुप्ता के लिए दरवाजा खुला रखना होगा। सहरसा का काम करना ही पड़ेगा। गुप्ता ने उन अफसरों को भी आड़े हाथों लिया जो खुद को मुख्यमंत्री के करीब या नालंदा (नीतीश कुमार का गृह जिला) का बताकर रौब झाड़ते हैं। उन्होंने कहा कि अब विधानसभा में सबकी फाइल खुलेगी, सुधर जाओ।
आईपी गुप्ता 2025 के चुनाव से ठीक पहले गांधी मैदान में बड़ी रैली कर चर्चा में आए थे और महागठबंधन के टिकट पर जीत दर्ज की थी। अब उनका खुलकर भाजपा के प्रति विश्वास जताना और भविष्य की सरकार के रूप में बीजेपी को देखना कई संकेत दे रहा है। आरजेडी और अन्य सहयोगियों की मौजूदगी में ऐसा बयान गठबंधन के भीतर गहरे असंतोष को दर्शाता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावित खबरों के बीच कई विधायक सुरक्षित भविष्य के लिए ‘कमल’ की शरण में जाने की योजना बना रहे हैं। उनका बयान बिहार की मौजूदा ब्यूरोक्रेसी के खिलाफ आम जनप्रतिनिधियों की नाराजगी को भी जाहिर करता है। जहां एक तरफ जेडीयू और आरजेडी अपने कुनबे को एकजुट रखने का दावा कर रहे हैं, वहीं आईपी गुप्ता जैसे कद्दावर नेताओं के ‘बीजेपी प्रेम’ ने बिहार की सत्ता में बड़े बदलाव की आहट दे दी है।