गयाजी जिले के चाकंद में बीती देर रात एक भयानक अग्निकांड ने एक गरीब परिवार की जिंदगी उजाड़ दी। चाकंद थाना क्षेत्र के बिथो गांव में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने पलभर में सबकुछ तबाह कर दिया। इस दर्दनाक अगलगी में पति और पत्नी की की जलकर मौत हो गई, जबकि उनके तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चे हमेशा के लिए माता-पिता की छांव से वंचित हो गए। मृतकों की पहचान प्रमोद साव और उनकी पत्नी के तौर पर की गई है। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद प्रमोद साव और उनकी पत्नी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। आग की लपटों में घिरकर दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दंपति के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
पत्तल बनाने का करते थे काम
मिली जानकारी के अनुसार प्रमोद साव अपने घर पर ही पत्तल बनाने का काम करता था। इसी कारोबार से वह अपने परिवार का किसी तरह पेट पालता था। बीती देर शाम भी उसके घर में रोज की तरह पत्तल बनाने का काम चल रहा था। तभी अचानक बिजली के तार में शॉर्ट सर्किट लगने से चिंगारी निकली और देखते ही देखते आग भड़क उठी। घर में रखे सूखे पत्ते और अन्य जलने वाली चीजों ने आग को बहुत जल्द ही विकराल रूप दे दिया। देखते ही देखते उसका पूरा मकान भीषण आग की चपेट में आ गया। सूचना मिलते ही चाकंद थानाध्यक्ष शिवम कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त घर का निरीक्षण किया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्राथमिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है, लेकिन पुलिस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि प्रमोद और उसकी पत्नी को घर से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल पाया। दोनों आग में बुरी तरह फंसकर चीखते रहे। इसी बीच दूसरे कमरे में सो रहे तीनों मासूम बच्चे शोर सुनकर रोने-चिल्लाने लगे। उनकी आवाज सुनकर पड़ोसी दौड़े आए और बाल्टी-बाल्टी पानी डालकर आग बुझाने की उनलोगों ने भरसक कोशिश की। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद जब लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया तब तक सबकुछ स्वाहा हो चुका था। आग बुझने के बाद जब लोगों द्वारा घर के अंदर देखा गया तो दंपति बुरी तरह झुलसे हुए वहां गिरे पड़े थे। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस भीषण अग्निकांड में प्रमोद साव का पूरा घर जलकर खाक हो गया है और अब परिवार में जिंदा बचे उसके मासूम तीन बच्चों के पास रहने तक की जगह नहीं बची है।