गया जी : गया पुलिस को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के दौरान पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी मोहन मांझी को उसके सहयोगी सोनू मांझी के साथ कोलकाता से वापस लौटते समय बोधगया मोड़ के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों अपराधी लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस की रडार पर थे। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मोहन मांझी और उसके सहयोगी को कोलकाता से वापस लौटते समय बोधगया मोड़ के पास से घेराबंदी कर सघन जांच में गिरफ्तार किया है। इसी दौरान जब संदिग्ध स्थिति में दोनों को रुकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की। हालांकि, मुस्तैद पुलिस बल ने पीछा कर दोनों को खदेड़ कर दबोच लिया। थाने में हुई कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों अपराधियों ने पिछले साल एक युवक की गोली मारकर की गई हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
बता दें कि इस हत्याकांड में चार आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि मोहन और सोनू फरार चल रहे थे। मोहन मांझी के ऊपर बिहार सरकार/पुलिस द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। इनलोगों पर हत्या, रंगदारी, लूट और आर्म्स एक्ट के कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि मानते हुए अधिकारियों का कहना है कि मोहन मांझी की गिरफ्तारी से इलाके में अपराध के ग्राफ में कमी आएगी। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।