बिहार के गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए 2 संदिग्ध बैग से करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये दोनों बैग करीब 3 दिनों से एयरपोर्ट पर ही लावारिस हालत में पड़े रहे, जबकि इन्हें कोई लेने नहीं आया। इससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और आखिरकार जब तीन दिन बाद इन्हें खोलकर देखा गया तो इनमें अवैध गांजा देख हर कोई हैरान रह गया। फिलहाल कस्टम विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन बैग को एयरपोर्ट तक कौन लाया और इन्हें लेने कोई क्यों नहीं पहुंचा?
बैग लेकर एयरपोर्ट कौन पहुंचा? CCTV खोलेगा राज
जानकारी के अनुसार बीते 14 मार्च को थाई एयरवेज की बैंकॉक से आई एक शेड्यूल फ्लाइट से ये दोनों बैग गयाजी एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। बताया जाता है कि हवाई अड्डे पर इन दोनों संदिग्ध बैग को कस्टम अधिकारियों ने जांच के दौरान अलग कर लिया था। बैग की स्थिति और उसमें मौजूद सामान को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ था जिसके बाद उन्हें निगरानी में रखा गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि ये दोनों बैग एयरपोर्ट पर लगातार तीन दिनों तक लावारिस हालत में पड़े रहे, लेकिन कोई भी यात्री उन्हें रिसिव करने नहीं पहुंचा। इससे कस्टम अधिकारियों का शक और गहरा गया। इसके बाद अधिकारियों ने नियमों के तहत बैग की तलाशी लेने का फैसला किया और जब उन्हें खोला तो उनमें तस्करी का गांजा देख हैरान रह गए।
अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क गिरोह पर संदेह
तलाशी के दौरान बैग के अंदर से करीब 10 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया। यह गांजा पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक यानी हाइड्रोपोनिक विधि से तैयार किया जाता है। इसकी गुणवत्ता और कीमत दोनों काफी अधिक होती हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। कस्टम अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़ा हो सकता है और इसके पीछे संगठित गिरोह की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस, कस्टम विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर तस्करी के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।