खगड़िया से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो खुद को IAS अफसर और NSA अजित डोभाल का अंडर कवर एजेंट बताकर लोगों को बड़े पैमाने पर ठगी का शिकार बनाता था। पुलिस ने इस सिलसिले में गोगरी-जमालपुर के रहने वाले मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक उसके पास से IAS अधिकारी का आई-कार्ड मिला है। पूछताछ के दौरान मनीष ने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडर कवर एजेंट बताया और पुलिस पर धौंस जमाने लगा। लेकिन कड़ाई से पूछताछ में शीघ्र ही उसकी सारी करतूत उजागर हो गई।
घर पर छापेमारी में कई सामान बरामद
इसके बाद पुलिस ने मनीष गुप्ता के गोगरी-जमालपुर स्थित घर पर छापेमारी की जिस दौरान 31 लीटर महंगी विदेशी शराब, प्रतिबंधित बारहसिंगा के दो सींग, एक महंगी Tesla और एक महंगी Tata Safari कार, 20 क्रेडिट कार्ड, चार चेकबुक, 8 डेबिट कार्ड और एप्पल कंपनी के पांच आईफोन बरामद मिले हैं। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि उसके पास ये बारसिंगा के सिंग कहां से आए। पुलिस के मुताबिक, बरामद टेस्ला कार पर IAS और ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था। इस बात की भी जांच की जा रही है कि इन चीजों का इस्तेमाल आरोपी किस तरह करता था और इनका उसके कथित ठगी के नेटवर्क से क्या संबंध है।
धौंस दिखाकर ठगी करने का आरोप
खगड़िया एसपी के अनुसार मनीष गुप्ता कथित तौर पर IAS अधिकारी होने का प्रभाव दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस का दावा है कि इसी तरह धौंस और ठगी के जरिए उसने काफी संपत्ति बनाई। पूछताछ के दौरान उसके द्वारा खुद को अजीत डोभाल का अंडर कवर एजेंट बताए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि मनीष वास्तव में किसी सरकारी एजेंसी या राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से जुड़ा था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अब आर्थिक पहलू की भी जांच कराने का फैसला किया है। खगड़िया एसपी ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए पटना से आर्थिक अपराध अनुसंधान इकाई की टीम को बुलाया जाएगा। जांच में आरोपी की संपत्ति, बैंकिंग लेन-देन, क्रेडिट और डेबिट कार्ड के इस्तेमाल समेत अन्य वित्तीय गतिविधियों को खंगाला जाएगा।