अररिया के फारबिसगंज में एक युवक की बीच सड़क सिर धड़ से अलग कर हत्या कर दिये जाने की खबर है। यही नहीं, इस वारदात के बाद भीड़ ने एक घर में छिपे हत्यारे को भी पकड़ लिया और पीट—पीटकर उसकी भी हत्या कर दी। आज गुरुवार को दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल बन गया है। जानकारी के अनुसार यह घटना फारबिसगंज शहर में बाजार समिति प्रांगण के गेट संख्या 2 के पास घटी। यहां बदमाशों ने बीच सड़क एक युवक सिर बेरहमी से उसके धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद हमलावर एक घर में भागकर छिप गया। लेकिन आक्रोशित भीड़ ने उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई करने लगी। इसी दौरान पीट—पीटकर भीड़ ने उसे भी मार डाला। इधर घटना की सूचना मिलते ही फारबिसगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। घटना स्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है।
सत्तू बिक्रेता और पिकअप ड्राइवर की मौत
मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है, लेकिन कुछ लोग उसे पिकअप ड्राइवर अली हुसैन बता रहे हैं। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद इलाके में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्थानीय लोग घटना से स्तब्ध हैं और पुलिस से जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मृतक संभवत: एक पिकअप ड्राइवर है, जो जोगबनी के किसी गांव का रहने वाला बताया जाता है। घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों ने बताया कि सत्तू बेचने वाले एक ठेला संचालक ने मामूली विवाद के बाद पिकअप ड्राइवर की कथित तौर पर सिर धड़ से अलग कर उसकी हत्या कर दी।
कहासुनी के बाद हुई मारपीट और हत्या
घटना के बाद काफी देर तक युवक का सिर और धड़ सड़क पर पड़ा रहा। इसीबीच इस घटना से आक्रोशित हुई भीड़ ने एक घर में छिपे आरोपी को पकड़ लिया और उसे पीट—पीटकर मार डाला। इधर किसी ने पुलिस को इन दोनों घटनाओं की सूचना दे दी जिसके बाद फारबिसगंज पुलिस वहां पहुंची और अनुसंधान शुरू किया। फिलहाल पुलिस पूछताछ के अलावा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की तलाश में लगी है ताकि हमलावर और पूरी घटना का पता लगाया जा सके। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इसी दौरान ठेला संचालक ने ड्राइवर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फिलहाल घटना की पूरी सच्चाई और कारणों का पता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।