ईडी ने अवैध बालू खनन और मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में राजद के पूर्व विधायक अरुण यादव और उनकी पत्नी किरण देवी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। लालू प्रसाद के करीबी और संदेश विस क्षेत्र के पूर्व एमएलए अरुण यादव पर भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों की अवैध कमाई करने और उसे छिपाने का आरोप है। इसके साथ ही उनकी पत्नी के नाम वाली कंपनी ‘किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स’ को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। ईडी ने 27 फरवरी 2024 को अरुण यादव और किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स से जुड़े ठिकानों पर छपेमारी की थी। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध रूप से अर्जित धन को नकद जमा, डेयरी और पशुपालन के जरिये अधिक आय दिखाई गई। पटना की विशेष PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत में दाखिल चार्जशीट में ईडी ने आरोप लगाया है कि अरुण यादव और उनके सहयोगियों ने बालू के अवैध कारोबार से करोड़ों रुपये कमाए और उन पैसों को विभिन्न कंपनियों और संपत्तियों में निवेश कर ठिकाने लगाया।
पत्नी और विधायक किरण देवी भी हैं आरोपित
ईडी ने अपनी चार्जशीट में अरुण यादव के साथ उनकी पत्नी किरण देवी, राजेश कुमार रंजन, दीपू कुमार और ‘किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी को मुख्य आरोपी बनाया है। अरुण यादव भोजपुर जिले में राजद के एक प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा रहे हैं। उन्होंने 2015 से 2020 के बीच संदेश विधानसभा क्षेत्र से बतौर राजद विधायक जनप्रतिनिधत्व किया। ईडी पहले भी इस मामले में उनके ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है और करोड़ों की चल-अचल संपत्ति को चिन्हित किया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए फर्जी लेन-देन और कागजी कंपनियों का सहारा लिया। विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इन आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ईडी की इस कार्रवाई को बिहार में अवैध खनन सिंडिकेट और उसे मिलने वाले राजनीतिक संरक्षण पर कड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में संपत्तियों की कुर्की और गिरफ्तारी जैसी और भी सख्त कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं।