दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े IRCTC होटल घोटाला मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 8 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और लारा प्रोजेक्ट्स समेत कुल आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया। इस दौरान कोर्ट ने मामले में जांच को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताए जाने की दलील को भी खारिज कर दिया। कोर्ट के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते रेलवे अधिकारियों ने कथित तौर पर टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर किया गया था। इसके जरिए रांची और पुरी के IRCTC होटलों की लीज से जुड़े ठेकों को कथित तौर पर लाभ पहुंचाने की बात सामने आई है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी। इस दौरान सभी आरोपियों को पेश होने का आदेश दिया गया है।
क्या है IRCTC मामला?
अदालत ने इस दौरान टिप्पणी की कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद पर पद के दुरुपयोग का संदेह जाता है। अदालत ने ये भी कहा कि रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुणे में पट्टा देने के लिए लालू प्रसाद यादव के कहने पर निविदा में हेर-फेर की। अदालत ने इन टिप्पणियों के साथ लालू प्रसाद यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी, बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और 5 अन्य के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दे दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।
यह पूरा मामला LARA प्रोजेक्ट्स में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। अदालत ने माना है कि ऐसा नहीं लगता कि लालू यादव के खिलाफ जांच राजनीति से प्रभावित थी। कोर्ट ने कहा LARA प्रोजेक्ट को जिस तरह फायदा पहुंचाया गया, वह लालू यादव की भूमिका पर संदेह पैदा करता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पटना में ट्रांसफर की गई जमीन अपराध से हासिल हुई संपत्ति है। अदालत ने इस मामले में 9 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इसमें कोर्ट ने लारा प्रोजेक्ट्स, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर के खिलाफ आरोप फिक्स किया है। इस मामले में अब 3 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। कोर्ट ने उस दिन सुनवाई के लिए सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
सीबीआई का आरोप है कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित दो होटलों का संचालन सुजाता होटल्स को कथित तौर पर हेरफेर वाले टेंडर के जरिए लीज पर दिया। इसके बदले करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर एक ऐसी कंपनी को हस्तांतरित की गई, जिसका संबंध राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से बताया गया।