पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को बख्तियारपुर पहुंचे, जहां उन्होंने राजकीय समारोह के तहत स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री सुबह करीब 10 बजे हेलीकॉप्टर से बख्तियारपुर पहुंचे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सीएम नीतीश ने बख्तियारपुर के पांच अलग-अलग स्थानों पर स्थापित स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। उन्होंने सबसे पहले शहीद डूमर सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद शहीद मोगल सिंह, शहीद नथुन सिंह, स्वतंत्रता सेनानी पंडित शीलभद्र याजी तथा अपने पिता और स्वतंत्रता सेनानी कविराज रामलखन सिंह वैद्य की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण किया।
ज्ञात हो कि स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में हर वर्ष सरकार द्वारा राजकीय सम्मान समारोह का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत हेलीकॉप्टर से मोतिहारी के लिए रवाना हो गए। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी पंडित शीलभद्र याजी के पुत्र सच्चिदानंद याजी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रत्येक वर्ष बख्तियारपुर के स्वतंत्रता सेनानियों को राजकीय सम्मान प्रदान करते आ रहे हैं।
कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी, पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एस.एम. सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार से ही एसडीएम गरिमा लोहिया तथा बाढ़ अनुमंडल के वन और टू अंचल के आरक्षी पदाधिकारी अपने दलबल के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर रहे थे।
इस बीच शहीद डूमर सिंह के परिजनों ने आरोप लगाया कि राजकीय समारोह की सूचना उन्हें नहीं दी जाती है, बल्कि उनके नाम पर अन्य लोगों को सूचित कर दिया जाता है, जिससे शहीद डूमर सिंह के परिजन समारोह से वंचित रह जाते हैं। वहीं, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण स्थानीय पत्रकारों को भी राजकीय समारोह स्थल से दूर रखा गया। हालांकि, कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट