मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सोमवार को महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की 25 लाख महिलाओं के खाते में 2500 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। महिला रोजगार योजना के तहत प्रत्येक चयनित महिला को डीबीटी मोड से 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी गई। राशि ट्रांसफर की यह प्रक्रिया मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में की गई जिस दौरान दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही आज राज्य के सभी जिलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं जहां जिला स्तर पर राशि वितरण की प्रक्रिया की गई।
लाभार्थियों की संख्या अब 1.81 करोड़ से अधिक
बिहार में अब तक मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी थी। आज के इस चरण में 25 लाख नई महिलाओं को इसमें जोड़ा गया जिसके बाद अब राज्य में इस योजना के तहत कुल लाभार्थियों की संख्या 1 करोड़ 81 लाख से अधिक हो गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार की कम से कम एक महिला सदस्य को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की मंजूरी 29 अगस्त 2025 को मिली जिसके बाद 26 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 75 लाख महिलाओं के खातों में 7500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। उसके बाद सीएम नीतीश कुमार ने कई चरणों में राशि वितरण जारी रखा है। योजना ग्रामीण विकास विभाग और जीविका के माध्यम से संचालित हो रही है।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू किया गया था। विपक्ष ने इसे वोट खरीदने की कोशिश करार दिया था। हालांकि, एनडीए को चुनाव में प्रचंड बहुमत मिला। यही कारण है कि आज इस योजना के प्रभाव को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की इस पहल ने चुनावी परिणामों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नीतीश सरकार ने योजना के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। पहले चरण में 10 हजार रुपये मिलने के बाद महिलाओं द्वारा शुरू किए गए रोजगार का आकलन किया जाएगा। अच्छे परिणाम वाले मामलों में आगे की किस्तों में उन्हें 2 लाख तक की राशि प्रदान की जाएगी। राज्य कैबिनेट से इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है और इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।