बिहार कर्मचारी चयन आयोग BSSC के अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी आलोक राज ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बड़ी बात यह है कि अभी दो दिन पहले ही उन्होंने बीएसएससी के चेयरमैन पद पर ज्वाइन किया था। उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए सामान्य विभाग को अपना इस्तीफा भेज दिया है। आलोक राज ने महज दो दिन पहले ही इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने इस्तीफे में किसी तरह का प्रशासनिक या राजनीतिक कारण नहीं बताया है और इसे पूरी तरह निजी कारणों से लिया गया फैसला बताया है। आलोक राज का अचानक इस्तीफा ऐसे समय पर आया है, जब BSSC से जुड़ी कई अहम भर्तियों और परीक्षाओं को लेकर आयोग पर जिम्मेदारी बढ़ी हुई है।
31 दिसंबर को मिली BSSC अध्यक्ष की जिम्मेदारी
बता दें कि आलोक राज 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। 31 दिसंबर को नीतीश सरकार ने आलोक राज को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी जिसके बाद उन्होंने 1 जनवरी 2026 से बतौर BSSC के अध्यक्ष पदभार संभाला था। इससे पहले वे राज्य के डीेजीपी पद पर थे और जैसे ही वे इस डीजीपी पद से सेवानिवृत्त हुए, तुरंत इसके बाद उन्हें बिहार कर्मचारी चयन आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, आलोक राज को 65 वर्ष की आयु तक यानी अगले पांच वर्षों के लिए BSSC अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया था। लेकिन ज्वाइन करने के सिर्फ दो दिन बाद ही उनके इस्तीफे ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) राज्य में विभिन्न सरकारी विभागों के लिए कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया को संचालित करने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक निकाय है। आयोग के माध्यम से हर साल हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिलता है, जिससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलती है। सरकार द्वारा एक अनुभवी और सक्षम अधिकारी को इस पद की जिम्मेदारी सौंपना इस बात का संकेत माना जा रहा था कि भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष, समयबद्ध और विवादमुक्त बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा। अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोग न केवल परीक्षाओं के आयोजन और परिणामों की घोषणा को सुचारू रूप से अंजाम देता है, बल्कि शिकायत निवारण और सुधारात्मक कदमों के जरिए अभ्यर्थियों का भरोसा भी कायम रखता है।