पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ उसके जीजा द्वारा दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुंआरी मां बनी नाबालिग के नवजात शिशु की मौत हो गई जिसके बाद वह फरार हो गया। इसको लेकर नाबालिग के पिता ने अपने ही दामाद के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक, मझौलिया के रत्नमाला पंचायत के एक छोटे से गांव में रहने वाली किशोरी की मां वर्षों पहले गुजर चुकी थी। पिता आंखों की रोशनी खो चुके थे और घर में गरीबी व लाचारी का माहौल था। पिता ने पहली बेटी की शादी चनपटिया थाना क्षेत्र के एक गांव में की। शादी के बाद दामाद बराबर ससुराल आता-जाता था। इसी बीच उसने मेरी छोटी बेटी को बहला-फुसलाकर प्रेम जाल में फंसा लिया और उसका यौन शोषण करने लगा। मां के नहीं रहने के कारण 14 वर्षीय बच्ची उसका शिकार बनती रही और आखिर वह गर्भवती हो गई।
बताया जाता है कि परिवार में अंधे पिता और बड़ी बहन के अलावा नाबालिग का कोई और नहीं है। पिता ने बड़ी बेटी की शादी इस ख्याल से की कि वह और उसका पति लक्ष्मण दास परिवार के लिए सहारा बनेगा। लेकिन इसके उलट लक्ष्मण दास ने अंधे ससुर की लाचारी और नाबालिग साली की मासूमियत का फायदा उठाया। उसने डरा-धमकाकर महीनों तक किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। जब किशोरी गर्भवती हो गई, तब भी आरोपी नहीं रुका। 31 दिसंबर की रात किशोरी प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। अस्पताल ले जाते समय चलते ऑटो में उसने बच्चे को जन्म दिया।
बताया जाता है कि नवजात के जन्म के बाद उसको जीएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में बीते दिन नाबालिग मां ने अपने नवजात बच्चे को दूध पिलाया और सुलाया, लेकिन छह दिन के बच्चे की सांसें थम गईं। इसकी जानकारी मिलते ही आरोपी दामाद फरार हो गया। इसके बाद अंधे पिता की शिकायत पर पुलिस ने फरार दामाद पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव नाबालिग मां को सौंपा। प्रभारी थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि अंधे पिता की शिकायत पर आरोपी दामाद लक्ष्मण दास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दावा पुलिस कर रही है।