पूर्णिया से एक दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक नाबालिग छात्रा की रेप के बाद बेरहमी से उसकी हत्या कर दिये जाने की खबर है। इस घटना का हैरान करने वाला पहलु ये है कि इसे एक 8वीं कक्षा के छात्र ने होली के दिन अंजाम दिया और मृतका कोई गैर नहीं, बल्कि उसी के साथ स्कूल में पढ़ने वाली सहपाठी है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद मृतका के स्कूल मे पढ़ने वाले आरोपी छात्र ने राज खुलने की डर से छात्रा की गला दबाकर हत्या कर दी। यही नहीं, उसने रेप और मर्डर के बाद इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की तथा डेड बॉडी को बांसवाड़ी में उसके दुपट्टे से एक बांस के पेड़ से लटका दिया। जब परिजनों ने खोजबीन की तो बांस की बाड़ी में उन्हें छात्रा की डेड बॉडी लटकी दिखी जिसके बाद वहां कोहराम मच गया।
लौटकर चाय बनाती हूं..और फिर…
वाकया, होली के दिन बुधवार दोपहर करीब 1 बजे की है। बताया जाता है कि मृतका अपने पिता से यह कहकर घर से निकली थी कि वह पास ही जा रही है और लौटकर चाय बनाएगी। जाते-जाते उसने अपने पिता से होली के लिए रंग, पुआ और दही-बड़े का सामान लाने की जिद भी की थी। पिता को क्या पता था कि अपनी बिटिया से उनकी यह आखिरी बातचीत है। जब आधे घंटे बाद भी वह नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों को छात्रा के बारे में पहला सुराग घर में रखे मोबाइल की कॉल लिस्ट से मिला। मृतका के घर से निकलने से ठीक पहले उसके सहपाठी का फोन आया था।
फोन कॉल से खुला कातिल का राज
शक के आधार पर जब परिजनों ने बकनिया बरेली गांव के उस किशोर सहपाठी को पकड़ा और उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर अमौर थाना क्षेत्र स्थित एक बांसबाड़ी से छात्रा का शव बरामद हुआ। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पहले छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। जब छात्रा ने विरोध किया तो उसने गला दबाकर उसकी जान ले ली। हत्या को सुसाइड दिखाने के लिए आरोपी ने छात्रा के ही दुपट्टे से उसके शव को बांस के पेड़ से लटका दिया। मृतका के शरीर पर जख्म के निशान और गले पर गहरे काले निशान पाए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही बायसी के SDPO और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह मामला दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या का प्रतीत होता है। आरोपी, जो मृतका के साथ ही 8वीं कक्षा में पढ़ता था, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। गांव में इस घटना के बाद से तनाव और गम का माहौल है।