दिल्ली में बिहार के एनडीए सांसदों की बुधवार को एक बैठक हुई जिसमें आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन किया गया। ये अहम बैठक भारतीय जनता पार्टी के सांसद संजय जायसवाल के घर पर हुई और इसमें बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हुए थे। वहीं गिरिराज सिंह, चिराग पासवान, संजय झा, ललन सिंह और जीतन राम मांझी समेत बिहार एनडीए के लगभग सभी सांसद मौजूद रहे। बैठक में तय हुआ कि इसबार सीट बंटवारे में पार्टी के साथ ही जीतने वाले कैंडिडेट के पैमाने को भी ध्यान में रखा जाएगा। इसके साथ ही एनडीए नेताओं ने कहा कि हम सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।
बैठक में किस मुद्दे पर हुई बात
भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी अच्छा परिणाम निकला। 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद फिर एनडीए की सरकार बने, इसके लिए बिहार सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में मिलकर हमें काम करना है। पीएम मोदी का भागलपुर का दौरा बेहद सफल रहा था। अब अगले महीने पीएम मोदी का मधुबनी में कार्यक्रम है। उसे भी भागलपुर जैसे ही सफल बनाना है। बिहार चुनाव से पहले इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एनडीए नेताओं की यह बैठक गृहमंत्री अमित शाह के बिहार दौरे से पहले हुई है। गृह मंत्री शाह 29 मार्च को बिहार जाएंगे। चुनाव की तैयारियों को लेकर यह शाह का पहला बिहार दौरा होगा। वो एयरपोर्ट से सीधे भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय जाएंगे। अमित शाह की बैठक में शामिल होने के लिए बीजेपी ने अपने सभी सांसदों, प्रदेश प्रभारियों और अन्य नेताओं को पटना में मौजूद रहने को कहा है।
कितनी सीटें मांग रहे हैं घटक दल
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए में अभी सीट बंटवारे का कोई फार्मूला तय नहीं है। लेकिन घटक दलों ने अपनी मांग रखनी शुरू कर दी है। लोजपा (रामविलास) और हम ने 40-40 सीटों की मांग कर दी है। चिराग की पार्टी पिछले साल से यह कह रही है कि उनकी पार्टी बिहार के हर जिले में कम से कम एक सीट पर चुनाव लड़ेगी। वहीं हम के प्रमुख जीतन राम मांझी ने करीब 40 सीटों की मांग कर दी है। एनडीए में शामिल राष्ट्रीय लोक मंच ने अभी तक सीटों को लेकर कोई बात नहीं की है। एनडीए के दो सबसे बड़े दलों बीजेपी और जेडीयू ने भी अभी तक सीटों को लेकर कुछ नहीं कहा है। ताजा बैठक में इसपर विस्तार से चर्चा हुई कि इसबार सीट बंटवारे में जितवाने वाले कैंडिडेट को तरजीह दी जाएगी।