समस्तीपुर निवासी कुख्यात गैंगस्टर ललन सिंह को यूपी एसटीएफ ने बीती रात सहरानपुर के निकट हुए एक एनकाउंटर मे मार गिराया है। ललन सिंह समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर थानांतर्गत आनंदगोलवा गांव का रहने वाला था। उसने अपने दो अन्य भाइयों के साथ काफी पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा था। बाद में उसे पटना पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वह अपने भाइयों के साथ यूपी चला गया था जहां 3 वर्ष पूर्व उसके दो भाइयों को यूपी पुलिस ने वाराणसी मेंं हुए एक मुठभेड़ में मार गिराया था। बताया जाता है कि बीती रात यूपी एसटीएफ को उसके सहारनपुर में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद यूपी एसटीएफ के एडिशनल एसपी लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने उसकी घेराबंदी की। मुठभेड़ के दौरान लल्लन का एक साथी मौके से भाग निकला।
जानकारी के अनुसार लल्लन सिंह पर सवा लाख का इनाम घोषित किया गया था। उसके खिलाफ 7 हत्या, लूट और डकैती समेत कई मामले बिहार और यूपी में दर्ज हैं। लल्लन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना के आनंद गोलवां गांव का रहने वाला था। उस पर वाराणसी पुलिस कमिश्नर की ओर से 1 लाख रुपये और चंदौली पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह लंबे समय से यूपी और बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 8 नवंबर 2022 को वाराणसी में उसने एक सब-इंस्पेक्टर को गोली मारकर उनकी सरकारी पिस्टल लूट ली थी। इसके अलावा 1 नवंबर 2022 को चंदौली में एक युवक की हत्या कर बाइक लूटने की वारदात को भी अंजाम दिया था।
बिहार में भी लल्लन सिंह के खिलाफ हत्या, बैंक डकैती और लूट के कई मामले दर्ज थे। उस पर दो सब-इंस्पेक्टर, एक बैंक कैशियर, एक सिक्योरिटी गार्ड समेत सात लोगों की हत्या के आरोप थे। बैंक और कैश वैन लूट की कई घटनाओं में भी उसका नाम सामने आया था। लल्लन सिंह अपने दो भाइयों के साथ मिलकर गैंग चलाता था। साल 2017 में तीनों भाइयों ने पटना जिले के बेलछी थाना क्षेत्र में एक बैंक से दिनदहाड़े 60 लाख रुपये की डकैती डाली थी। इस दौरान बैंक के दो सुरक्षा गार्डों समेत तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 2022 में पटना के बाढ़ इलाके में बैंक लूट की घटना के बाद तीनों भाई वाराणसी भाग गए थे। उसी दौरान नवंबर 2022 में उसके दोनों भाई पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे, जबकि लल्लन बच निकला था। अब करीब साढ़े तीन साल बाद यूपी एसटीएफ ने उसे भी मुठभेड़ में मार गिराया है।