बिहार में राजस्व विभाग का कामकाज आज से करीब-करीब पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। पहले से हड़तालरत राजस्व कर्मचारियों के बाद आज सोमवार 9 मार्च से बिहार के सारे अंचलों में नियुक्त CO भी हड़ताल पर चले गए हैं। इससे बिहार में राजस्व विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था को एक बड़ा झटका लगा है और राज्य के सभी अंचलों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। बताया गया कि राजस्व सेवा के दो प्रमुख संगठनों—‘बिहार राजस्व सेवा संघ’ (बिरसा) और ‘बिरसा यूनाइटेड’ के आह्वान पर बिहार में कार्यरत सभी अंचलों के अंचलाधिकारी (CO) अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। CO के हड़ताल की मुख्य वजह अंचलाधिकारियों की बतौर डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) के पद पर तैनाती न किया जाना है।
हड़ताली राजस्व संघ का क्या है कहना?
राजस्व सेवा संघ का आरोप है कि बिहार सरकार इस मामले में लगातार वादाखिलाफी कर रही है और उच्च न्यायालय के उस स्पष्ट आदेश की अनदेखी कर रही है, जिसमें राजस्व सेवा के अधिकारियों को डीसीएलआर पद पर तैनात करने की बात कही गई थी। इस हड़ताल का व्यापक असर राज्य के महत्वपूर्ण सरकारी प्रोजेक्ट्स पर पड़ने की आशंका है। यही नहीं, इससे वर्तमान में बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वे और चकबंदी का काम पूरी तरह से रुक गया है, जो सीधे तौर पर आम जनता और किसानों से जुड़ा हुआ है। गौरतलब है कि राज्य में राजस्व प्रशासन की स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी, क्योंकि पिछले 17 दिनों से राजस्व कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। ये कर्मचारी प्रोन्नति, स्थानांतरण और वेतन विसंगतियों समेत अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं।
डिप्टी सीएम ने दी ये चेतावनी, निलंबन और…
ऐसे हालात में अब राजस्व सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों, दोनों के एक साथ हड़ताल पर होने से अंचल कार्यालयों में सन्नाटा पसरा है और दाखिल-खारिज से लेकर प्रमाण पत्र निर्गत करने तक के सभी कार्य बाधित हो गए हैं। उधर राजस्व अधिकारियों के आज से हड़ताल पर जाने के बाद बिहार के डिप्टी सीएम और राजस्व मंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि वे शीघ्र काम पर न लौटे तो सरकार उन्हें निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर देगी। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बिहार के सभी अंचलाधिकारियों से अविलंब अपनी हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि हड़ताल खत्म करेंगे, तभी सरकार उनसे संवाद करेगी। अगर सीओ कल से काम पर नहीं लौटे तो उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा और बीडीओ को अंचलों का भी प्रभार दे दिया जाएगा।