भोजपुर के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भरत तिवारी पर गोली चलाने वाले स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। भोजपुर के एसपी राज ने इस एनकाउंटर केस में STF जवान को अरेस्ट करने की पुष्टि की है। इस एनकाउंटर की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बीती देर रात यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार STF जवान अक्षय कुमार पर भरत तिवारी की मां आशा देवी ने हत्या का आरोप लगाया था। गौरतलब है कि 17 जून को भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ था। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें भरत तिवारी पुलिस के सामने हथियार डालता दिखाई दे रहा था। इसके बावजूद उसका कथित तौर पर एनकाउंटर कर दिया गया।
परिजनों ने मुख्यमंत्री से की थी मुलाकात
भरत तिवारी के परिजनों ने 24 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इस दौरान सीएम ने भावुक परिजनों को भरोसा दिलाया था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भरत तिवारी के परिजनों की इस मुलाकात के बाद सरकार ने कड़े कदम उठाए थे। जगदीशपुर के एसडीओ सुजीत कुमार को उनके पद से हटाकर सचिवालय में योगदान करने का निर्देश दिया गया था। वहीं, एनकाउंटर के बाद आरोपी एसडीपीओ राजेश कुमार को मद्य निषेध विभाग में तैनात किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें वहां से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया।
इधर STF जवान की इस गिरफ्तारी को परिजनों ने न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है, साथ ही अन्य जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, एनकाउंटर से जुड़े और भी कई तथ्य सामने आ सकते हैं। विदित हो कि जगदीशपुर डीएसपी और थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस की टीम 17 जून को भरत तिवारी के घर पहुंची थी। पुलिस भरत तिवारी को अपने साथ लेकर जवईनिया बाढ़ विस्थापितों के लिए आवंटित जमीन वाले इलाके में गई थी। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने दावा किया था कि भरत तिवारी इस क्षेत्र की समस्याओं को लगातार फेसबुक लाइव के माध्यम से उठा रहा था। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद भरत तिवारी ने पुलिस के सामने अपना हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उसे धक्का देकर एक गड्ढे में गिरा दिया और फिर उस पर गोलियां चला दीं।