पटना/नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी द्वारा नागेंद्रनाथ त्रिपाठी को राष्ट्रीय संगठन (वरिष्ठ कार्यकर्ता संपर्क) की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर पार्टी के वरिष्ठ एवं पुराने कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे संगठन हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने श्री त्रिपाठी को यह महत्वपूर्ण दायित्व देकर संगठन की जड़ों को और मजबूत करने के साथ-साथ अनुभवी एवं समर्पित कार्यकर्ताओं को पुनः संगठन की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया है। भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने नागेंद्रनाथ त्रिपाठी को राष्ट्रीय संगठन (वरिष्ठ कार्यकर्ता संपर्क) की जिम्मेदारी सौंपी है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी तथा उनका कार्यक्षेत्र नई दिल्ली रहेगा।
इस पद का प्रमुख उद्देश्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद एवं समन्वय स्थापित करना तथा उनके संगठनात्मक अनुभवों का पार्टी की गतिविधियों में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। संगठनात्मक दृष्टि से इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसकी सूचना पार्टी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश प्रभारियों एवं प्रदेश अध्यक्षों को भी भेज दी गई है।
उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के बेलौली गांव निवासी नागेंद्रनाथ त्रिपाठी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक रहे हैं। उनका जन्म एक कृषक परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम गिरिजा पति त्रिपाठी तथा माता का नाम गणेशा देवी है। छात्र जीवन से ही उनका झुकाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर रहा और वे लंबे समय तक संघ के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते रहे। संघ के समर्पित प्रचारक के रूप में उन्होंने युवाओं के बीच वैचारिक जागरूकता फैलाने तथा संगठन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान नियुक्ति से पूर्व वे बिहार और झारखंड में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
भाजपा इन दिनों अपने संगठनात्मक ढांचे को और सुदृढ़ बनाने के अभियान में जुटी हुई है। इसी क्रम में नागेंद्रनाथ त्रिपाठी को यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके अनुभव और संगठनात्मक कौशल का लाभ पार्टी को मिलेगा तथा वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित होगा।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह नियुक्ति संगठन में अनुभवी कार्यकर्ताओं की भूमिका को और सशक्त बनाने तथा उनके अनुभवों का लाभ संगठन को दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट