पटना : बिहार की राजनीति में ‘चाणक्य’ माने जाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भविष्य के कदमों को लेकर जारी अटकलों के बीच शुक्रवार को एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। नीतीश कुमार के सबसे करीबी सिपहसालारों में शुमार और कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी मुख्यमंत्री के फैसले पर बात करते हुए अपने आंसू नहीं रोक पाए। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने भारी मन से स्वीकार किया कि नीतीश कुमार का जाना न केवल उनके लिए, बल्कि हर बिहारवासी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। नीतीश कुमार का जाना हर बिहारवासी के लिए एक अत्यंत भावुक पल है।
अशोक चौधरी ने रुंधे गले से कहा, “निश्चित तौर पर यह फैसला हम सबको बहुत खलेगा।” नीतीश कुमार के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “कौन नहीं जानता कि नीतीश जी ने बिहार के लिए क्या कुछ नहीं किया? आपने सोशल मीडिया पर कई लोगों के वीडियो वायरल होते देखे होंगे, जनता भी उतनी ही भावुक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि यह फैसला बेहद पीड़ादायक है, लेकिन यह पूरी तरह से मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत निर्णय है। उन्होंने कहा, “यह हम सबके लिए बहुत ही भावुक क्षण है, लेकिन अंततः यह नीतीश कुमार जी का अपना फैसला है और इसमें हम लोग कुछ नहीं कर सकते।”
प्रेस वार्ता के दौरान जब उनसे यह मर्मस्पर्शी सवाल पूछा गया कि सदन में अब उन्हें कौन समझाएगा और गाइड करेगा, क्योंकि नीतीश कुमार अक्सर सदन की कार्यवाही के दौरान अशोक चौधरी का मार्गदर्शन करते दिखते थे, तो मंत्री पूरी तरह भावुक हो गए। उन्होंने बेहद धीमी और रुंधी हुई आवाज में बस इतना कहा कि मुश्किल तो है और मुसीबत भी है। अशोक चौधरी जैसे कद्दावर नेता का सार्वजनिक रूप से इस कदर भावुक होना बिहार की राजनीति में बड़े बदलावों का संकेत माना जा रहा है। नीतीश कुमार के प्रति उनकी निष्ठा जगजाहिर रही है, ऐसे में उनके इन आंसुओं ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है कि क्या बिहार की राजनीति में एक युग का अंत होने जा रहा है।