अरवल – बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आम जनता की परेशानियों के खिलाफ अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस/AIRLA) के बैनर तले अरवल में प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध जताया गया। प्रतिवाद मार्च की अध्यक्षता कामरेड उपेंद्र पासवान ने की।
पूर्व विधायक महानंद सिंह ने प्रतिवाद मार्च को संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य सामग्री के दामों में बेतहाशा वृद्धि सरकार की सोचीसमझी रणनीति है। मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण गरीबों, मजदूरों और किसानों पर महंगाई का भारी बोझ पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि रोजगार के अवसर घटते जा रहे हैं। ये जुमला और कारपोरेटप्रस्त सरकार से कोई उम्मीद भी नहीं की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि “दाम बांधो, काम दो और काम का उचित दाम दो” आज देश की मेहनतकश जनता की प्रमुख मांग है। चीनी, प्याज, आटा, दाल, तेल, नमक सहित जरूरी वस्तुओं को सस्ती दरों पर जनवितरण प्रणाली के जरिय उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों और मेहनतकश जनता की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों को गंभीरता से ले। महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ संघर्ष को और तेज किया जाएगा। अब देश के छात्र युवा सड़क पर उतर चुके है। उन्होंने अरवल के छात्र युवा से अपील करते हुए कहा कि 29 अगस्त को गया में छात्र नौजवानों का संसद,और 6 सितंबर को पटना में संसद संवाद में भारी संख्या में भाग ले।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारे लगाए और अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च में भाकपा माले जिला सचिव जितेंद्र यादव,पूर्व विधायक महानंद सिंह,खेगरामस के राज्य उपाध्यक्ष उपेन्द्र पासवान,जिला कमिटी सदस्य महेंद्र प्रसाद, गणेश यादव,त्यागी जी,शहशाद,नीतीश कुमार,राजेश्वरी यादव,महेश यादव सहित दर्जनों नेता कार्यकर्ता भाग लिया।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट