अरवल – अहियापुर के करीब 182 परिवार को मिला भूदान के जमीन पर खेती व लगे बगीचा को बालू माफिया द्वारा बुलडोजर के जरिए बर्बाद कर दिया गया है। उक्त बातों की जानकारी भाकपा माले द्वारा प्रेस बयान जारी कर बताया गया है की इस दौरान करीब बड़े 1000 (एक हजार) पेंड व छोटे-छोटे पेंड को शामिल किया जाए तो 4 से 5 हजार पेंड को बुलडोजर से उखाड़ कर लेकर चले गए। करीब 150 एकड़ में लगे बगीचा, फसल आलू, प्याज, लहसुन, सरसो, सब्जी के पौधा को बर्बाद कर दिया गया है। इंक्रोचमेंट का आरोप लगाकर सोन के दियारा में 1955 से खेती कर रहे 182 परिवार के जमीन पर से एक झटके में बुलडोजर के जरिये बालू माफिया के लिए बेदखल कर दिया। जबकि इन जमीन पर काबिज के अलावे 182 परिवार को भूदान का पर्चा भी मिला है और रसीद भी कटा है।
बिना कोई नोटिस व भू-धारियों के पक्ष सुने ही बालू माफिया के लिए खनन विभाग एवं स्थानीय थाना के जरिये आजीविका पर बुलडोजर चला दिया गया है। आज पीड़ित किसानों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल किया गया। सरकार के बालू माफिया के समक्ष आत्म समर्पण के खिलाफ 11 मार्च को डीएम के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। बालू खनन के लिए मिट्टी करीब 15 से 20 फिट गहरा खुदाई कर उसके नीचे के 15 – 20 फिट तक गहराई से बालू निकालने की छूट देने के लिए गरीबों को बेदखल करना खनन नियमावली के खिलाफ होगा। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि हजारों पेंड काटने का कानूनन अधिकार किसी को नहीं है जिसे ताक पर रखकर पेंड काटा जाना पर्यावरण के खिलाफ तो है ही और वन विभाग के नियमावली का भी उलंघन है। जिससे माफिया राज का आगाज़ स्पष्ट दिखाई पड़ रहा है।
उपरोक्त बातें भाकपा माले के पूर्व विधायक व माले राज्य स्थाई समिति के सदस्य महानन्द सिंह ने पीड़ित किसानों के समस्या सुनकर प्रेस रिलीज जारी कर कहा है। जिसमे बताया कि 11 को डीएम के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने डीएम से दूरभाष से बात कर पूरी घटना की जानकारी दी और इसपर आपत्ति जताते हुए तुरन्त जांच कर बालू माफिया पर एफआईआर करने और दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित गरीब किसानों से मिलने वाले नेताओं में माले जिला सचिव जितेंद्र यादव, त्रिभुवन शर्मा भी शामिल थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट