अरवल – ईरान पर हमले रोकने को लेकर मुख्यालय शहर में शांति मार्च का आयोजन किया गया। इस दौरान नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल ने एक संप्रभु राष्ट्र ईरान पर हमला कर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेइ समेत कई नेताओं की हत्या कर दिया और करीब 180 से ज्यादा छात्राओं की हत्या कर दिया गया है। महात्मा गांधी के नाम पर बना हॉस्पिटल समेत कई अस्पतालों पर भी हमला किया है। ईरान में कई अस्पताल और नागरिक ठिकानों पर हमला किया है। जिसमें अधिकतर नागरिकों की हत्या कर दी गई है।
मोदी सरकार ने अपने पुराने मित्र देश ईरान के सर्वोच्च नेता ख़ामेनेई की हत्या एवं लगातार हो रहे हमले पर एक शब्द नहीं बोल रही है। युद्ध के दो दिन पहले इजरायल जाकर नेतन्याहू से मुलाकात करना देश के लिए शर्म की बात है। भारत हमेशा गुटनिरपेक्ष देश का नेतृत्व किया है जो भारत के लिए हमेशा ही विदेश नीति रही है। उसको तार-तार करने का काम मोदी सरकार ने किया है। खाड़ी देशों की तरह मोदी सरकार अमेरिका की कठपुतली सरकार बनकर रह गई है और रबर स्टैंप की तरह काम कर रही है। विदित हो कि अमेरिका-भारत डील के तहत रूस से कच्चा तेल खरीद पर रोक लगाया।
मोदी सरकार एक शब्द विरोध नही किया और अमेरिका का फरमान मान लिया। अब जब अमेरिका इजरायल ईरान के बीच युद्ध के कारण पेट्रोलियम और गैस के आयात में दिक्कत होने लगी तो अमेरिका ने एक महीने का रूस से कच्चा तेल खरीदने का फरमान जारी किया। पहले रियायत दर पर रूस कच्चा तेल दिया करता था जिसे अब उक्त दर पर देने से इनकार कर दिया है। यह सब सरकार के अमेरिका के प्रति कठपुतली रवैया के कारण ही यह सब झेलना पड़ रहा है। भारत में पेट्रोल और गैस का दाम काफी बढ़ेगा। मोदी सरकार अमेरिका के इशारे पर हर कार्यक्रम तय कर रही है। गुलामी का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है।
भारत में नौसेना अभ्यास में शामिल ईरान के जहाज को अमेरिका द्वारा भारतीय सीमा क्षेत्र में मार गिराए जाने पर भी भारत सरकार एक शब्द नहीं बोल पाई। मोदी सरकार अपने विदेश नीति के कारण पूरे दुनिया में थू-थू करवा रही है। आज भाकपा माले जिला कार्यालय से शांति के लिए मार्च निकाला गया। साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध बंद करो, युद्ध विराम कर शान्ति के लिए वार्ता करो। नारे लगा रहे थे। कार्यक्रम में भाकपा माले जिला सचिव जितेंद्र यादव, किसान नेता शिव सागर शर्मा, रबिन्द्र यादव, सुएब आलम, उपेंद्र पासवान, त्रिभुवन शर्मा, नंद किशोर कुमार, सुरेंद्र प्रसाद समेत कई नेता शामिल थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट