अरवल – जिला स्तरीय कृषि सांख्यिकी आवृत्ति चर्या-सह- प्रशिक्षण कार्यक्रम का समाहरणालय अरवल के सभा कक्ष में संपन्न किया गया। कृषि वर्ष 2025-26 के रबी मौसम के अंतर्गत कृषि सांख्यिकी से संबंधित जिला स्तरीय आवृत्ति चर्या सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, बिहार, पटना के निर्देशों के आलोक में संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी अरवल अमृषा बैंस के निर्देशानुसार अपर समाहर्ता, अरवल रवि प्रसाद चौहान द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन सत्र में उन्होंने कृषि सांख्यिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फसल आकलन, उत्पादन अनुमान तथा नीति निर्माण के लिए सटीक एवं समयबद्ध सांख्यिकीय आंकड़ों का संकलन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए आंकड़ों की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान रबी मौसम 25-26 के अंतर्गत कृषि सांख्यिकी कार्यों आवृत्ति चर्या की प्रक्रिया, फसल क्षेत्र आकलन, डेटा संकलन की पद्धति, रिपोर्टिंग प्रणाली तथा संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं एवं उनके समाधान पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर यह अपेक्षा व्यक्त की गई कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी कृषि सांख्यिकी कार्यों को समयबद्ध, सटीक एवं प्रभावी ढंग से संपादित करेंगे, जिससे जिले में कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, एनएसएस (भारत सरकार) के प्रतिनिधि, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट