अरवल -जिले में किसानों को फार्मर आईडी से जोड़ने को लेकर अभियान चलाई जा रही है इस दौरान कर्मी गांव के किसानों से संपर्क स्थापित कर रहे हैं लेकिन इस दौरान कई समस्याएं उत्पन्न हो रही है इन समस्याओं के समाधान के लिए जिले के किसानों ने जिला पदाधिकारी से मिलकर अवगत कराया गया है सदर प्रखंड के हसनपुर गांव के किसानों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर बताया है कि अधिकांश किसानों को ऑनलाइन के माध्यम से भूमि का लगान रसीद कटवाई गई है जिसमें केवल खाता का जिक्र किया गया है लेकिन रखवा के जगह पर शून्य किया गया है जिसके कारण वैसे किसानों को फार्मर आईडी से वंचित किया जा रहा है।
वहीं कई किसानों के नाम की गड़बड़ी के कारण इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है किसानों ने जिला पदाधिकारी से मांग किया है कि जो त्रुटि लगान रसीद पर देखी जा रही है इसका मुख्य कारण कार्यालय कर्मियों के द्वारा दूर किया जा सकता है जिला पदाधिकारी ने किसानों को बताया कि इस तरह की गड़बड़ी पूरे जिले से प्राप्त हो रही है।
इस दिशा में आवश्यक पहल के लिए सरकार को अवगत कराई जाएगी और दिशा निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी जबकि किसानों ने मांग किया है कि इस त्रुटि को सुधार किए जाने के बाद अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ है मिल पाएगा मिली जानकारी के अनुसार जब विभाग द्वारा ऑनलाइन किया जा रहा था उस वक्त केवल खाता संख्या दर्ज किया गया लेकिन खेसरा नंबर को दर्ज नहीं किया गया जबकि अंचल कार्यालय में किसानों के खेसरा और खाता का विवरण उपलब्ध है किसानों का कहना है कि आखिर क्या कारण है कि किसान अपने भूमि का लगान का भुगतान करते आ रहे हैं लेकिन त्रुटि को दूर करने की दिशा में अभी तक कोई पहल नहीं किया गया है।
इस पहल के अभाव में जिले के अधिकांश किसान इस महत्वाकांक्षी योजना से वंचित रह जाएंगे और सरकार जिस उद्देश्य से इस योजना को लागू करने जा रही है वह उद्देश्य किसानों से कोशो दूर रह जाएगा। किसानों ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से मांग किया है कि इस त्रुटि को व्यापक पैमाने पर दूर करने के लिए ठोस कदम उठाया जाए ताकि अधिकांश किसान फार्मर आईडी से जुड़ सकें संयुक्त रूप से आवेदन देने वालों में देवेंद्र कुमार सुरेश शर्मा दीनानाथ सिंह वीरेंद्र सिंह धीरेंद्र कुमार श्री कमल शर्मा के अलावे दर्जनों किसान शामिल थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट