अरवल – समाहरणालय, अरवल स्थित समाहर्ता न्यायालय में जिला दंडाधिकारी-सह-समाहर्ता, अरवल अमृषा बैंस द्वारा विभिन्न वादों की सुनवाई की गई। सुनवाई के क्रम में जिला दंडाधिकारी द्वारा न्यायालय में विचाराधीन मामलों की प्रभावी, निष्पक्ष एवं विधिसम्मत ढंग से सुनवाई की गई।
इस दौरान मुख्य रूप से भू-अर्जन, जमाबंदी एवं अन्य राजस्व से संबंधित मामलों पर सुनवाई संपन्न हुई। प्रत्येक वाद में पक्षकारों की दलीलों को गंभीरता से सुना गया तथा उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों के आलोक में आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। जिला दंडाधिकारी द्वारा अपने न्यायालय में लंबित मामलों की अद्यतन स्थिति का आकलन करते हुए उनकी अवधि, प्रकृति एवं प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस अवसर पर उन्होंने सभी मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण पर विशेष बल दिया। समीक्षा के दौरान जिला दंडाधिकारी द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए जिला दंडाधिकारी न्यायालय में लंबित सभी मामलों की विस्तृत समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
विधि शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे सबसे पुराने एवं जनहित से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े मामलों की पहचान कर प्राथमिकता सूची तैयार करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी वादों का समय पर सूचीबद्ध किया जाए, ताकि अनावश्यक विलंब की स्थिति उत्पन्न न हो। जनहित एवं आम नागरिकों से सीधे जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जाए। सभी प्रकरणों के समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण हेतु नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में निचली न्यायालय अथवा अन्य पदाधिकारियों से प्रतिवेदन / रिपोर्ट लंबित है, उनके संबंध में नियमित एवं सघन फॉलो अप सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
प्राथमिकता वाले मामलों में किसी भी स्तर पर विलंब न हो, इसके लिए प्रक्रियात्मक सतर्कता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जिला दंडाधिकारी, अरवल ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके न्यायालय में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, पारदर्शिता तथा जनहित की रक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सतत प्रतिबद्धता है। उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं विधिसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत वादों की सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आमजन को त्वरित एवं प्रभावी न्याय प्राप्त हो सके।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट