अरवल – जिला पदाधिकारी अरवल अमृषा बैंस की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला स्तरीय अभिसरण समिति के अंतर्गत माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 एवं बिहार माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली, 2012 के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं केयर होम (वृद्धजन आश्रय गृह) से संबंधित विषयों पर जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने अधिनियम, 2007 एवं बिहार नियमावली, 2012 के उद्देश्यों, प्रावधानों तथा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, ज्ञान एवं मार्गदर्शन का समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में उनके सम्मान, सुरक्षा, भरण-पोषण एवं बेहतर जीवनयापन की व्यवस्था सुनिश्चित करना परिवार समाज एवं प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 का मुख्य उद्देश्य ऐसे माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी संरक्षण प्रदान करना है, जो अपनी आय अथवा संपत्ति से स्वयं का भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं। अधिनियम के तहत संतान एवं संबंधित उत्तराधिकारियों की यह जिम्मेदारी निर्धारित की गई है कि वे अपने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण की समुचित व्यवस्था करें, ताकि उन्हें जीवन की आवश्यक सुविधाओं से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को भोजन, वस्त्र, आवास, चिकित्सा सुविधा एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी माता-पिता अथवा वरिष्ठ नागरिक को उपेक्षा, प्रताड़ना या असहाय स्थिति का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए संबंधित विभागों को संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए। बैठक में केयर होम (वृद्धजन आश्रय गृह) से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जरूरतमंद, निराश्रित एवं असहाय वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। केयर होम में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं, उनकी देखभाल, स्वास्थ्य, स्वच्छता, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वहां रहने वाले प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो। जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़े मामलों में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

अधिनियम एवं नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार निष्पादन किया जाए तथा जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं एवं सामाजिक सुरक्षा से संबंधित सुविधाओं का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं उनके संरक्षण के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को इसकी जानकारी मिल सके। समाज में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना विकसित करने के लिए भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की जानी चाहिए। बैठक में सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट

