पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत का मामला अभी सुलझा भी नहीं कि बिहार की राजधानी में ही एक और हॉस्टल में रहकर NEET की ही पढ़ाई कर रही एक दूसरी छात्रा की भी संदिग्ध हालात में मौत की खबर सामने आई है। इस मामले में भी परिजनों ने पुलिस पर लीपापोती के संगीन गंभीर आरोप लगाए हैं। अभी पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की मौत से पर्दा पूरी तरह उठा भी नही कि इस दूसरी ऐसी ही मौत के मामले से बिहार में हंगामा खड़ा हो गया है। बताया जाता है कि NEET छात्रा की मौत की यह दूसरी घटना 6 जनवरी की है। लेकिन मामला 13 दिन बाद बीती शाम तब उजागर हुआ जब छात्रा के परिजनों ने साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस की जांच पर सवाल उठाए।
अब एक्जीबिशन रोड के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की मौत
ताजा मामला पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित परफैक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल का है जो औरंगाबाद से जुड़ा है। इस हॉस्टल से एक छात्रा की डेड बॉडी मिली। मामले में परिजनों ने साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी। मृतका के पिता ने वरीय पुलिस अधिकारियों सहित थाने को पत्र दे आरोप लगाया कि उनकी बेटी को हॉस्टल संचालक व वार्डेन द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया जिसके कारण उसने आत्महत्या की। पिता के आवेदन पर पुलिस ने संचालक व वार्डेन समेत अन्य अज्ञात को आरोपी बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। छात्रा के पिता ने कहा कि 4 जनवरी को पटना आकर बेटी को होस्टल में छोड़ा था। 5 और 6 जनवरी को बेटी से बात भी हुई थी। 6 जनवरी को ही रात में करीब 1 बजे अचानक कॉल आता है कि आपकी बेटी की मौत हो गई है। उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है।
पुलिस-परिजनों की गैरमौजूदगी बेड पर रखी डेड बॉडी
प्राथमिकी में परिजनों ने मुसाहीद रेजा, मुकर्रम रेजा, हॉस्टल के संचालक, वार्डेन खुशबू कुमारी, हॉस्टल के इंचार्ज, उसकी सहेली समेत अन्य अज्ञात लोगों पर आरोप लगाया कि इन सबकी मिलीभगत से उनकी बेटी की हत्या की गई है एफआईआर में आरोप है कि छात्रा की डेड बॉडी को पुलिस और पैरेंट्स की गैर मौजूदगी में बेड पर रखा गया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस की गाड़ी से ही डेडबॉडी को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। छात्रा के परिजनों का कहना है कि डेड बॉडी और वीडियो रिकॉर्डिंग देखने के बाद उन्हें पूरा यकीन है कि उनकी बच्ची की साजिश के तहत हत्या की गई है। वहीं पिता का कहना है कि सूचना दिए जाने के बाद हम लोगों के पहुंचने से पहले ही बेटी की डेड बॉडी फंदे से उतारकर बेड पर रख दी जाती है। अब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई है। प्राथमिकी दर्ज कराई है, लेकिन कोई खास कार्रवाई नहीं हुई है। बेटी के पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। कहा कि जब वह पटना आए थे, तब होस्टल संचालक मेरे आने से पहले ही होस्टल से निकल गया था। बेटी को कोई दिक्कत या परेशानी नहीं थी। अगर ऐसा होता तो वह मुझे जरूर बताती। मेरी बेटी की हत्या की गई है। इसमें पुलिस और हॉस्टल संचालक की मिलीभगत है।
मृतका की मां ने हॉस्टल प्रबंधन पर जताया शक
औरंगाबाद के गोह की रहने वाली मृतका की मां ने बताया कि उनकी 15 वर्षीया पुत्री पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। 6 जनवरी को 2 लड़कों ने हॉस्टल संचालक, वार्डन, बेटी की सहेलियों की मदद से मेरी बेटी की हत्या की है। पुलिस मामले की सही जांच कर कार्रवाई करे। मामले में परिजनों ने पुलिस से तत्परता से जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्रा के पिता ने हॉस्टल प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हे जानकारी मिली है कि दो मुस्लिम लड़के प्रबंधन की अनुमति के बिना हॉस्टल के अंदर पहुंचे थे। ये लड़के कैसे अंदर पहुंच गए, उन्हे पता नहीं है। पुलिस ने दो आरोपी दो लड़कों को पकड़ा भी था, लेकिन बाद में एक को छोड़ दिया। क्यो छोड़ दिया? मतलब तो यही निकलता है कि पुलिस मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं कर रही है।